*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की चम्पावत को बड़ी सौगात: सड़क सुरक्षा कार्यों हेतु ₹116.576 लाख की प्रथम किश्त जारी*।

चम्पावत 19 मार्च 2026

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की चम्पावत को बड़ी सौगात: सड़क सुरक्षा कार्यों हेतु ₹116.576 लाख की प्रथम किश्त जारी*

*दुर्घटना संभावित स्थलों के सुधार के लिए ₹291.44 लाख स्वीकृत, त्वरित क्रियान्वयन को मिली गति*

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व एवं जनहितकारी दृष्टिकोण के तहत जनपद चम्पावत में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 545/2024 के अंतर्गत जनपद के विभिन्न दुर्घटना संभावित स्थलों (डेंजर जोन) पर सड़क सुरक्षात्मक कार्यों के लिए शासन द्वारा वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग (लो०नि०वि०), चम्पावत के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने हेतु कुल ₹291.44 लाख की व्यापक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है।

यह कार्य लगभग 105.01 किलोमीटर लंबाई में संचालित किया जाएगा, जिससे पर्वतीय मार्गों पर आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध हो सकेगा।

इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को लाभ मिलेगा, बल्कि जनपद में आने वाले पर्यटकों की यात्रा भी अधिक सुरक्षित होगी।

मुख्यमंत्री श्री धामी के निर्देशानुसार कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य आकस्मिकता निधि से स्वीकृत धनराशि का 40 प्रतिशत, अर्थात ₹116.576 लाख की प्रथम किश्त तत्काल प्रभाव से अवमुक्त कर दी गई है। उक्त धनराशि जिलाधिकारी चम्पावत के निवर्तन पर रखी गई है, जिससे कार्यों का शीघ्र प्रारंभ सुनिश्चित किया जा सके।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि इस निर्णय से जनपद में आधारभूत संरचना के विकास को नई गति मिलेगी तथा सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, जिसे प्राथमिकता देते हुए कार्यों को उच्च गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्ता मानकों से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।

Jaya punetha editor in chief ।

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