*वनाग्नि रोकथाम हेतु प्रशासन की बड़ी पहल: एफएसआई फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम से जुड़ेंगे जनपद के सभी विभाग और ग्रामीण*।

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चंपावत 08 मार्च 2026

*वनाग्नि रोकथाम हेतु प्रशासन की बड़ी पहल: एफएसआई फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम से जुड़ेंगे जनपद के सभी विभाग और ग्रामीण*

वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और त्वरित सूचना तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि वनाग्नि की सूचनाओं के तत्काल आदान-प्रदान के लिए भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) के ‘फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम’ से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाना अनिवार्य है। इस प्रणाली के माध्यम से संबंधित क्षेत्र में आग लगने की घटना होते ही पंजीकृत व्यक्ति के मोबाइल पर तत्काल अलर्ट प्राप्त होगा, जिससे समय रहते प्रभावी कार्यवाही की जा सकेगी।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के अंतर्गत समस्त सरकारी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ संस्थाओं, ग्राम प्रधानों, सरपंचों, वन पंचायत सदस्यों और सामान्य जनमानस का ‘सब्सक्राइबर रजिस्ट्रेशन’ (Subscriber Registration) सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए एफएसआई पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया को एक ‘फ्लो चार्ट’ के माध्यम से सरल बनाया गया है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सूचना तंत्र को इतना सुदृढ़ करना है कि वनाग्नि की घटना होते ही स्थानीय स्तर पर तैनात जिम्मेदार व्यक्ति और ग्रामीण तुरंत सक्रिय हो सकें।

जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है कि जनपद में आयोजित होने वाले सभी बहुउद्देशीय शिविरों, विभागीय बैठकों और कार्यशालाओं में इस अलर्ट सिस्टम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में लोगों को इस पोर्टल पर पंजीकरण हेतु प्रोत्साहित करें। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि न केवल हमारी प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे में तकनीक का उपयोग कर जन-जन की भागीदारी से ही जंगलों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

Jaya punetha editor in chief ।