चम्पावत 06 अक्टूबर 2025
*आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम — लोहाघाट में तीन दिवसीय IFC प्रशिक्षण संपन्न*
*लोहाघाट में IFC स्टाफ का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न, जिलाधिकारी ने प्रेरित किया नवाचार की दिशा में कार्य*
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत जनपद चंपावत के विकास खंड लोहाघाट में आयोजित इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (IFC) स्टाफ क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा समापन किया गया। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण 04 से 06 अक्टूबर 2025 तक संचालित हुआ।
समापन अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने प्रतिभागियों को IFC की अवधारणा, उद्देश्य और व्यवहारिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने के लिए क्लस्टर स्तर पर नवाचार, तकनीकी दक्षता और गुणवत्तापरक उत्पादन अत्यंत आवश्यक हैं। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक क्लस्टर को आत्मनिर्भर एवं मॉडल इकाई के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए।
प्रशिक्षण में जनपद के चंपावत, लोहाघाट और पाटी विकास खंडों से चयनित IFC स्टाफ एवं बदलाव सखियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में एनआईआरडी हैदराबाद के नेशनल रिसोर्स पर्सन श्री बृजमोहन कांडपाल द्वारा प्रतिभागियों को उत्पाद की गुणवत्ता निर्धारण, लागत एवं मूल्य निर्धारण, व्यवसाय योजना निर्माण तथा IFC के दीर्घकालिक संचालन जैसे विषयों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
समापन कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार एवं सहायक परियोजना निदेशक, डीआरडीए सुश्री विमि जोशी ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदर्शित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिलाओं के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनआरएलएम कैडरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में खण्ड विकास अधिकारी लोहाघाट श्री कवीन्द्र सिंह रावत, जिला थीमैटिक विशेषज्ञ श्री कैलाश चन्द्र शर्मा, ग्रामीण वित्त समन्वयक श्री चन्द्रशेखर भट्ट, तथा सहायक खण्ड विकास अधिकारी लोहाघाट श्री उमाकान्त पन्त (जिन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया) सहित चारों विकास खण्डों के ब्लॉक मिशन प्रबंधक, क्षेत्रीय समन्वयक एवं कुल 36 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
Jaya punetha editor in chief ।



