मानेश्वर समाचार।
चंपावत 19 जुलाई 2025

*चंपावत में आपदा सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण*
मानसून सत्र 2025 के अंतर्गत जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के आदेशानुसार एवं अपर जिलाधिकारी व जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के दिशा-निर्देश में, जनपद चंपावत के नदी किनारे निवासरत लोगों के लिए तहसील चंपावत के अंतर्गत उप तहसील मंच स्थित तामली में शुक्रवार को एक दिवसीय बाढ़/आपदा खोज एवं बचाव जन-जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को आपदा प्रबंधन की बुनियादी से लेकर व्यवहारिक जानकारियाँ दी गईं। उन्हें बताया गया कि आपदा क्या होती है, इसके प्रकार कौन-कौन से होते हैं, और आपदा की स्थिति में—पूर्व, दौरान व उपरांत—कौन-कौन सी सावधानियाँ अपनाई जानी चाहिए।
भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपायों के साथ-साथ, आकाशीय बिजली (लाइटनिंग) से सुरक्षा हेतु आवश्यक सावधानियाँ भी साझा की गईं। प्रतिभागियों को अचानक आने वाली आपदाओं में त्वरित प्रतिक्रिया देने की विधियाँ, प्राथमिक उपचार के तरीके, तथा घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने की तकनीकों का अभ्यास कराया गया।
इसके अतिरिक्त, आपदा बचाव उपकरणों की जानकारी, रैपलिंग एवं जुमारिंग जैसी रेस्क्यू तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि स्थानीय संसाधनों जैसे कंबल, धोती, दुपट्टा, जैकेट आदि की सहायता से आपातकालीन स्ट्रेचर अथवा रेस्क्यू उपकरण कैसे तैयार किए जा सकते हैं।
नदी में जल प्रवाह अधिक होने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के साथ-साथ, सभी प्रतिभागियों को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर, महिला हेल्पलाइन, सचेत एवं भूकंप ऐप की उपयोगिता एवं संचालन की जानकारी भी दी गई।
साथ ही आपदा संबंधी पोस्टर व पंपलेट का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में तामली, पोलप, बचकोट के ग्रामीणों सहित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मास्टर ट्रेनर भरत गुसाईं, हेम पांडे, एसडीआरएफ के राकेश जुकरिया, सुरेन्द्र गोस्वामी, राजस्व निरीक्षक मंच, राजस्व उप निरीक्षक सिमियांउरी, बकोड़ा, बिरगोला, स्वास्थ्य विभाग की एएनएम, सीएचओ, आशा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइज़र, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रीगण, महिला मोर्चा की दल अध्यक्ष सहित कुल 40 महिला/पुरुष प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।




