बाराहीधाम में कॉलेज के छात्रों के आंदोलन को मिल रहा है व्यापक जनसमर्थन।

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मानेश्वर समाचार।

7 सितंबर 2025

बाराहीधाम में कॉलेज के छात्रों के आंदोलन को मिल रहा है व्यापक जनसमर्थन।

अल्मोड़ा एवं नैनीताल जिलों के ग्रामीण भी आंदोलन को देने आ रहे हैं समर्थन।

देवीधूरा। यहां के आदर्श राजकीय महाविद्यालय के छात्रों द्वारा अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर किए जा रहे धरना प्रदर्शन को व्यापक जन समर्थन मिल रहा है। छात्र नेता देवेंद्र भट्ट एवं सुदीप चम्याल के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में छात्रों की मांग स्नातक स्तर पर नए विषयों का सृजन तथा इसी शिक्षा सत्र से यहां एमए की कक्षाएं शुरू करने की मांग की जा रही है। इस मांग को यहां के अभिभावकों का भी भारी समर्थन मिल रहा है। उनका कहना है कि देवीधुरा मै महाविद्यालय खोलने के बाद जहां सैकड़ो बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है वहीं यहां व्यवहारिक विषयों के न होने से तथा अभी तक यहां एमए की कक्षाएं शुरू न होने के कारण उन्हें अपने बच्चों को बाहर भेजने के लिए कर्ज लेकर उनकी व्यवस्था करनी पड़ रही है। जबकि बालिकाओं के लिए तो बीए करने के बाद कोई रास्ता ही नहीं है ।

आज यहां चल रहे धरने में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेश बिष्ट, सनातन जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक दीपक बिष्ट, नंदन बिष्ट, प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता नंदू पांडे, विशाल त्रिपाठी, भानु बिष्ट आदि ने आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देते हुए कहा कि यह आंदोलन छात्रों का नहीं बल्कि यहां के आम जनमानस का है। सबसे अधिक परेशानियां एवं आर्थिक कठिनाइयां तो अभिभावकों को ही उठानी पड़ रही हैं। आंदोलन को समर्थन देने के लिए बाराहीधाम से लगे अल्मोड़ा व नैनीताल जिलों के ग्रामीण भी यहां लगातार आ रहे हैं। उनका कहना है कि देवीधुरा के महाविद्यालय में सभी विषयों की पढ़ाई होने से इसका लाभ उन्हें मिलता है। जबकि उनके लिए अपने बच्चों को नैनीताल या अल्मोड़ा भेजना संभव नहीं है। इस बीच एबीवीपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज मिख्रा ने फोन पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत का इस ओर ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि डॉ सिंह ने यहां नए विषयों के सृजन तथा एमए की कक्षाएं शुरू करने का भरोसा तो दिया है लेकिन छात्रों का कहना है कि दोनों ही मांगों की मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषणा की जा चुकी है लेकिन उसे कार्य रूप नहीं दिया जा रहा है। जिससे उनके धैर्य की सीमा टूटती जा रही है।

Jaya punetha editor in chief ।