मुख्यमंत्री की दूरगामी वैज्ञानिक सोच से बन रही ” साइंस सीटी ” देश के वैज्ञानिक सोच के छात्रों का तराशेगी भविष्य – महानिदेशक ।

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मानेश्वर समाचार।

18 जुलाई  2025

मुख्यमंत्री की दूरगामी वैज्ञानिक सोच से बन रही “साइंस सिटी” देश के वैज्ञानिक सोच के छात्रों का तराशेगी भविष्य- महानिदेशक

 

विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में नए आयाम एवं कीर्तिमान स्थापित कर यह संस्थान देगा देश के युवाओं को नई रोशनी- जिलाधिकारी

 

चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मॉडल जिला चंपावत को देश के मानचित्र में लाए जाने के प्रयासों में

यूकोस्ट ने पंख लगाने के लिए तेजी से प्रयास शुरू कर दिए हैं। 55 करोड़ 52 लाख रुपए लागत से चंपावत में बन रही यह साइंस सिटी जून 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगी। यह केवल जिले के नहीं बल्कि देश के वैज्ञानिकों एवं तकनीकी सोच के युवाओं को तरासने का कार्य ही नहीं करेगी बल्कि देश के विभिन्न प्रांतो के वैज्ञानिक यहां विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इको टूरिज्म आदि क्षेत्र में शोध के लिए भी आएंगे। यूकोस्ट के महानिदेशक दुर्गेश पंत के अनुसार स्वीकृत धनराशि में 38 करोड रुपए भवन निर्माण के साथ पेयजल व विद्युत संयोजन में खर्च होगे। जबकि शेष राशि से वैज्ञानिक उपकरण आदि की व्यवस्था की जाएगी। प्रो.पंत के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दुरगामी सोच के तहत हिमालयी एवं सीमांत क्षेत्रों की पहली “विज्ञान सिटी” में अनुसंधान, विज्ञान के नवाचार, नई तकनीकी, एआई, “फन विद साइंस”,क्षमता विकास आदि तमाम कार्य किए जाएंगे।

 

चार मंजिली इस साइंस सिटी के निर्माण के बाद यहां देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले 40 वैज्ञानिक शोधार्थियों के लिए आवास की व्यवस्था भी गई है।

महानिदेशक के अनुसार यह साइंस सिटी यहां विज्ञान, कृषि आदि तमाम कार्यक्रमों का आधुनिक तकनीकी ज्ञान देने के अलावा यहां खगोलीय घटनाओं का भी अध्ययन किया जा सकेगा। विगत दिवस जिलाधिकारी मनीष कुमार ने साइंस सिटी के निर्माण स्थल का निरीक्षण कर वहां देर तक विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा यह मॉडल जिला चंपावत की ऐसी धरोहर बनने जा रही है जहां यहां के ही नहीं बल्कि देश के वैज्ञानिक सोच के छात्र छात्राओं के भविष्य की दशा व दिशा तय कर उनके जीवन में नई रोशनी लाएगी ।उन्होंने निर्माण कार्य की बेहतर गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए श्रमिकों की सुरक्षा एवं दुर्लभ प्रजाति के देवदार के वृक्षों को किसी प्रकार की क्षति ना पहुंचाने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर लोनिवी के ईई एमसी पलडिया ने बताया कि आगामी वर्ष जून माह तक यह विज्ञान सिटी को विभाग तैयार कर लेगा।

Jaya punetha editor in chief ।