दो दिन बाद घर में बजनी थी शहनाई, तड़के लगी आग ने मातम में बदल दी खुशियां; लाखों का सामान राख।

दो दिन बाद घर में बजनी थी शहनाई, तड़के लगी आग ने मातम में बदल दी खुशियां; लाखों का सामान राख।

दुल्हन के स्वागत की तैयारियों के बीच शॉर्ट सर्किट से लगी आग, विवाह वाले घर में मचा कोहराम; जिलाधिकारी ने पहुंचकर बंधाया ढांढस।

लोहाघाट। प्रकृति का यह कैसा क्रूर मजाक था कि जिस घर में दो दिन बाद शहनाइयां गूंजनी थीं, जहां दुल्हन के स्वागत की तैयारियां पूरे उत्साह के साथ चल रही थीं, उसी घर में तड़के लगी आग ने खुशियों को पलभर में राख में बदल दिया। विवाह की तैयारियों में जुटा पूरा परिवार उस समय स्तब्ध रह गया जब देखते ही देखते आग ने घर के भीतर रखा कीमती सामान अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार, राज्य आंदोलनकारी एवं अधिवक्ता नवीन मुरारी, उनके अग्रज रमेश मुरारी तथा अनुज भास्कर मुरारी के स्टेशन बाजार स्थित आवास से आज सुबह धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने इसकी सूचना दी। जब तक परिवार और पड़ोसी कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी भी रही कि फायर ब्रिगेड की टीम तब मौके पर पहुंची जब अधिकांश आग बुझ चुकी थी और नुकसान हो चुका था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। परिवार के सदस्य दो दिन बाद होने वाले नवीन मुरारी के पुत्र के विवाह की तैयारियों में व्यस्त थे। आग की इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

परिवार का कहना है कि आग से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति और विवाह संबंधी सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना की सूचना मिलने पर राजस्व उपनिरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी तथा प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। जिलाधिकारी ने नुकसान के आकलन के बाद नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। घटना के बाद दिनभर मुरारी परिवार के घर लोगों का तांता लगा रहा। सामाजिक, राजनीतिक और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। जिस घर में शादी की खुशियां मनाने की तैयारियां चल रही थीं, वहां अचानक छा गई मायूसी ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया।

Jaya punetha editor in chief ।

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