माननीय मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप आपदा प्रभावित किसानों को त्वरित राहत देने में जुटा जिला प्रशासन: आलू और लौकी उत्पादकों को जल्द मिलेगी मुआवजा राशि।

चंपावत 09 जून 2026

*माननीय मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप आपदा प्रभावित किसानों को त्वरित राहत देने में जुटा जिला प्रशासन: आलू और लौकी उत्पादकों को जल्द मिलेगी मुआवजा राशि*

प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के “समृद्ध किसान, खुशहाल प्रदेश” के विजन और आपदा काल में अंतिम छोर पर खड़े प्रभावित काश्तकार को तत्काल राहत पहुंचाने के संकल्प के अनुरूप चंपावत जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।

जनपद में हाल ही में हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण आलू व लौकी की खेती को पहुंचे नुकसान की सूचना पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने तत्काल संज्ञान लिया है।

मुख्यमंत्री जी के निर्देशों का पालन करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी और जिला उद्यान अधिकारी को धरातल पर उतरकर नुकसान का जायजा लेने और पीड़ित किसानों को त्वरित सहायता देने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

विभागीय अधिकारियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को अवगत कराया है कि जनपद के जिन-जिन क्षेत्रों में काश्तकारों की फसलों को क्षति पहुंची है, वहां का स्थलीय सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट संबंधित तहसीलों को भेज दी गई है। मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुसार, सभी जरूरी प्रशासनिक औपचारिकताओं को बेहद तेजी से पूरा किया जा रहा है, ताकि प्रभावित कृषकों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द मुआवजा राशि का वितरण किया जा सके।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि जनपद में बारिश और दैवीय आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है और प्रभावितों की मदद के लिए युद्धस्तर पर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि फसल क्षति के ऐसे मामलों में जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए जनपद के प्रभावित काश्तकारों को अब तक कुल 9 लाख रुपये की राहत धनराशि का वितरण भी किया जा चुका है।

शेष बचे पात्र किसानों को भी औपचारिकताएं पूरी होते ही राहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

इसी क्रम में जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त किसानों और बागवानों से आग्रह करते हुए कहा है कि यदि इस आपदा के कारण किसी भी काश्तकार की कृषि अथवा उद्यानिकी फसलें नष्ट हुई हैं, तो वे बिल्कुल भी परेशान न हों।

ऐसे सभी प्रभावित किसान तत्काल अपनी संबंधित तहसील, नजदीकी विकासखंड कार्यालय या फिर जनपद स्तरीय कृषि एवं उद्यान कार्यालय में जाकर अपनी क्षति की जानकारी दर्ज कराएं। उन्होंने सभी कृषकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा आपदा से प्रभावित फसलों के नुकसान के लिए पर्याप्त राहत राशि का कड़ा प्रावधान किया गया है और जिला प्रशासन हर पीड़ित किसान को उचित मुआवजा समय पर दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Jaya punetha editor in chief ।

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