सेना के ‘know your army’ कार्यक्रम में उमड़ा छात्रों का सैलाब, अत्याधुनिक तोपों और आर्म्स को छूकर महसूस किया गर्व।

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चंपावत 09 जून 2026

*सेना के ‘know your army’ कार्यक्रम में उमड़ा छात्रों का सैलाब, अत्याधुनिक तोपों और आर्म्स को छूकर महसूस किया गर्व।*

*योर आर्मी’ प्रदर्शनी में छात्रों ने करीब से देखे सेना के आधुनिक हथियार, जाना अग्निवीर, NDA और CDS बनने का रास्ता*

भारतीय सेना द्वारा युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाने और उन्हें सेना की युद्धक क्षमताओं से रूबरू कराने के उद्देश्य से ‘नो योर आर्मी’ कार्यक्रम के तहत जनपद मुख्यालय स्थित गोरल चौड़ मैदान में स्कूल एवं कॉलेज के छात्रों के लिए एक भव्य वेपन और इक्विपमेंट डिस्प्ले (हथियार प्रदर्शनी और उपकरण परिचय) का आयोजन किया गया।

इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य ध्येय छात्रों के बीच सेना के प्रति विश्वास को मजबूत करना और युवा पीढ़ी को देश सेवा के प्रति प्रेरित करना है।

इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत सेना की विभिन्न प्रतिष्ठित रेजीमेंट और कोर द्वारा देश के सीमावर्ती और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

इस प्रदर्शनी में आधुनिक युद्ध कला और सैन्य तकनीक का बेजोड़ प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें छोटे अत्याधुनिक हथियारों (स्मॉल आर्म्स) से लेकर भारी तोपें, आर्टिलरी गन और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणालियां शामिल की गईं।

कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत इसका हैंड्स-ऑन अनुभव रहा, जहां उपस्थित स्कूली छात्रों, एनसीसी कैडेटों को इन शक्तिशाली हथियारों को बेहद करीब से देखने, समझने और उन्हें छूकर महसूस करने का एक अभूतपूर्व अवसर मिला। इस जीवंत अनुभव ने वहां मौजूद जनसमूह, विशेषकर बच्चों में भारी उत्साह रहा।

हथियारों के प्रदर्शन के साथ-साथ यह आयोजन युवाओं के करियर को नई दिशा देने का एक बड़ा माध्यम भी बना।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद सेना के अनुभवी अधिकारियों ने युवाओं को सैन्य जीवन की गौरवशाली झलक दिखाई और उन्हें भारतीय सेना का हिस्सा बनने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया।

अधिकारियों ने अग्निवीर योजना, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) जैसे विभिन्न प्रवेश मार्गों के माध्यम से सशस्त्र बलों में शामिल होने की पूरी प्रक्रिया और योग्यताओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

यह आयोजन केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन मात्र नहीं था, बल्कि इसने नागरिक-सैन्य संबंधों को एक नई ऊंचाई देने का काम किया। सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों को सेना के अनुशासन और जीवनशैली से परिचित कराकर उनके मन में देश की सीमाओं की रक्षा करने का जज्बा भरा गया। ‘नो योर आर्मी’ कार्यक्रम ने आम नागरिकों और सेना के बीच के जुड़ाव तथा आपसी समझ को और अधिक सुदृढ़ बनाने में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस दौरान सेना के अधिकारी 13 विद्यालयों और कॉलेज के कुल 956 विद्यार्थी सहित अन्य उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।