चंपावत जिले में आपदा से 27 विभागों को हुआ 295 करोड़ रुपए का नुकसान। तीन लोगों की हुई मृत्यु ।

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चंपावत जिले में आपदा से 27 विभागों को हुआ 295 करोड़ रुपए का नुकसान। तीन लोगों की हुई मृत्यु ।

स्वाला डेंजर जोन में दिसंबर से वाहनों की आवाजाही हो जाएगी सुगम।

चपावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आज अपने पहले पत्रकार सम्मेलन में विगत तीन माह के दौरान जनपद में हुए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 20 सूत्री कार्यक्रम में जनपद जहां अभी प्रथम स्थान में चल रहा है वही टीवी मुक्त अभियान की दिशा में दूसरे पायदान में हैं। पाटी ब्लॉक पूर्ण रूप से टीवी मुक्त हो चुका है।उन्होंने बताया कि स्वाला डेंजर जोन में राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के लिए समय सीमा बाध दी गई है। अब दिसंबर माह से वाहनों की आवाजाही आसानी से हो सकेगी। चार चरणों में इस स्थल में ट्रीटमेंट का कार्य टीएचडीसी के विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार किया जायेगा। पत्रकार वार्ता में टीएचडीसी के विशेषज्ञ ने बताया कि क्राउन पार्ट का ट्रीटमेंट किए जाने से भूस्खलन को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने डेंजर जोन के ऊपरी ढाल से लगातार हो रहे पानी के रिसाव एवं भूस्खलन पर भी अपनी तकनीकी जानकारी दी। पत्रकार वार्ता में पीएमजीएसवाई एवं पीडब्लूडी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि ग्रामीण सड़को एवं उत्पादक गांवों को सड़को से जोड़ने के कारण ग्रामीण जीवन सरल होता जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि चंपावत जिला अब आलू बीज को आयात करने के बजाय उसे निर्यात करने की स्थिति में आता जा रहा है। अब जिले में ही आलू एवं सब्जियों के बीजों के अलावा फल पौधों को भी तैयार किया जाएगा। इसके अलावा इंटीग्रेटेड फार्मिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि विभाग द्वारा रीठासाहिब क्षेत्र में बासमती के उत्पादन को फिर शुरू करने का प्रयास करने के साथ ही लाल चावल एवं मड़वे के प्रक्षेत्र में वृद्धि की जाएगी। “सारा” योजना के तहत जिले के सभी नौलों, धारों व पोखरों को नया जीवन दिया जाएगा। “सारा” के अंतर्गत क्षेत्र की परियोजना में प्रस्तावित की गई है कालेशन भूलेश्वर परियोजनाओ को स्वीकृति मिल चुकी है। जल निगम द्वारा बताया गया कि लोहाघाट नगर के लिए सरयू नदी से बनाई जा रही है लिफ्ट पेयजल योजना की 84.76 करोड रुपए लागत से संशोधित डीपीआर शासन को भेजी गई है। चार चरणों में योजना का पेयजल मरोड़ खान तक पहुंचाया जाएगा। उसके बाद लोहाघाट नगर में आपूर्ति होगी।योजना को 28,335 की आबादी के हिसाब से डिजाइन किया गया है। उन्होंने बताया कि 26,850 मीटर लंबी पेयजल लाइन होगी। जल संस्थान एवं जल निगम अपनी पेयजल योजनाओं के स्रोतों की घेराबंदी कर वहां पानी के पोषक पौध लगाएंगे, जिससे जल स्तर बना रहे।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में विकास कार्यों के संचालन का एक समयबद्ध कार्यक्रम तय किया गया है। जिला प्रशासन का बुनियादी लक्ष्य आम लोगों के जीवन की कठिनाइयों को कम करना है तथा उनकी जिला मुख्यालय की दौड़ समाप्त करने के लिए सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम को और प्रभावी रूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि 8 करोड़ 34 लाख रुपए से चंपावत में “कुर्म सरोवर” को स्वीकृति मिल चुकी है।जिसमें शीघ्र निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। पत्रकार वार्ता में मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती ने कहा की विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए जहां महिलाएं सशक्त होती जा रही है, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

Jaya punetha editor in chief ।