पंचेश्वर घाटी में भूस्खलन के कारण 18 वर्षीय लक्ष्मण चंद की हुई मौत। बाल बाल बचा उसका साथी।

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मानेश्वर समाचार।

27  अगस्त  2025

पंचेश्वर घाटी में भूस्खलन के कारण 18 वर्षीय लक्ष्मण चंद की हुई मौत। बाल बाल बचा उसका साथी।

घटना का समाचार मिलते ही पुलिस व प्रशासन, एसएसबी के अलावा स्थानीय लोग पहुंच गए थे,राहत व बचाव कार्य के लिए।

लोहाघाट। पंचेश्वर घाटी में मंगलवार का दिन काफी मनहूस रहा। सरयू पार पिथौरागढ़ जिले के रावतगड़ा गांव के लक्ष्मण चंद अपने साथी हरि चंद को साथ लेकर बैल लाने के लिए निर्माणाधीन घाट- नेत्र सलान – पंचेश्वर सड़क से पैदल जा रहे थे तो, डरो गांव के पास उसके ऊपर भूस्खलन होने के कारण 18 वर्षीय लक्ष्मण चंद उसकी चपेट में आ गया, जबकि पीछे होने के कारण उसका साथी बाल बाल बच गया। घटना स्थल के पास गाय,भैंस चुगा रहे कुंवर सिंह एवं लक्ष्मण सिंह ने आनन फ़ानन में घायल को मलबे से बाहर निकाला तथा पूर्व प्रधान कैलाश पंत को घटना की जानकारी दी। उन्होंने ओमकार धोनी के जरिए पुलिस व प्रशासन को घटना से अवगत कराया। सबसे पहले वहां पंचेश्वर से एसएसबी के जवान पहुंच गए थे। बाद में तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी दलबल के साथ डॉक्टर सहित मौके में पहुंच गए। घटनास्थल मुख्य मार्ग से 4 किलोमीटर दूर था तथा सड़क में इतना कीचड़ था कि उसमें चलना काफी मुश्किल हो रहा था।प्रत्यक्षदर्शी कुंवर सिंह के अनुसार डेढ़ घंटे तक घायल लक्ष्मण जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा ।उन्होंने अपने हिसाब से उसे सहलाकर बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन उसने उन्हें के सामने दम तोड़ दिया।

तहसीलदार जगदीश नेगी ने मौके में पहुंचते ही पुलिस के साथ राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया। मृतक का मौके में ही एस आई पिंकी धामी द्वारा पंचनामा भरा गया। जबकि तहसीलदार के साथ गए डॉ मंजीत सिंह की टीम ने पोस्टमार्टम करने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। मृतक युवक जो अभी यौवन की दहलीज में खड़ा हो रहा था, उसकी आकस्मिक मौत से हर व्यक्ति की आंखें भरी हुई थी। अलबत्ता तहसीलदार के नेतृत्व में पुलिस व राजस्व कर्मियों द्वारा मौके में ही सब कुछ निपटाने से मृतक के परिवारों ने राहत की सांस ली।

यहां भी दिखा डीएम की “क्विक एक्शन” की कार्य संस्कृति का असर।

लोहाघाट। तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी मृतक के पिता प्रकाश चंद को उनके बेटे का शव सौंपने के साथ ही उन्हें ₹चार लाख की राज्य सरकार की ओर से सहायता का चेक दिया गया। आज तक हुई किसी दुर्घटनाओं के तीन घंटे बाद ही पहली बार मृतक के परिजनों को मौके में ही आर्थिक सहायता देने का प्रशासन द्वारा पहला प्रयास किया गया था। यहां भी जिलाधिकारी मनीष कुमार की “क्विक एक्शन” की कार्य संस्कृति का असर सभी को देखने को मिला तथा इससे सरयू नदी पार पिथौरागढ़ जिले के लोग भी रूबरू हुए।

“जाको राखे साइयां मारन सके ना कोई”

लोहाघाट। घटनास्थल के पास अपने मवेशी चुगा रहे कुंवर सिंह एवं उसके चाचा लक्ष्मण सिंह भी आगे जाने वाले थे, जिसे कुंवर सिंह ने यह कह कर रोक दिया कि कीचड़ में जाने जैसा नहीं हो रहा है। ऐसा कहते ही उसके चाचा के कदम रुक गए कुछ देर बाद ही ऊपर से पहाड़ गिरने लगा जिससे लक्ष्मण सिंह बाल बाल बच गए।

जब घायल को लेने के लिए देहरादून से हेली आने वाला था।

लोहाघाट। पुलिस व प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी दिए जाने के बाद घायल के जीवन को बचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कर दी गई थी। जिसके लिए एसपी अजय गणपति ने किमतोली के पास हेलीपैड को भी ठीक करवा दिया था। लेकिन तब तक घायल ने दम तोड़ दिया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतक के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।

दुर्घटना में मददगार लोगों को किया जाएगा सम्मानित- एसपी।

लोहाघाट। पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के अनुसार जब मानव मानवीय संवेदना के लिए कराह रहा होता है, ऐसे समय में सहायता करने वाला मानव नहीं वह “महा मानव” होता है। इस घटना में जिन लोगों द्वारा घायल को निकालने व उन्हें बचाने का प्रयास किया था, उन्हें पुलिस व प्रशासन समारोह पूर्वक सम्मानित करेगा।

अवकाश के बावजूद भी डीएम करते रहे घटना का  मॉनिटरिंग।

लोहाघाट। पिछले एक सप्ताह से निजी कारणों से अपने घर गए डीएम मनीष कुमार घटना की जानकारी मिलने के साथ ही राहत व बचाव कार्य की मॉनिटरिंग करते रहे।

Jaya punetha editor in chief ।