यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की चंपावत के गुरु गोरखनाथ मठ आने की इच्छा रह गई है दिल में।
गुरु गोरक्षनाथ के पीठाधीश रामनाथ जी महराज से मुख्यमंत्री जी ने सांझा की अपने मन की बात।
चंपावत। गुरु गोरक्षनाथ पीठ के पीठाधीश्वर एवं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महराज ने चंपावत जिले के तल्ला देश क्षेत्र में सघन वनों के बीच स्थित गुरू गोरक्षनाथ की तप स्थली जहां सतयुग से यहां जल रहे धुना की भस्म का टीका लगाने की इच्छा उनके मन में ही रह गई है। यह बात उन्होंने उनसे मिलने गए गुरू गोरक्षनाथ के पीठाधीश राम नाथ जी महराज से व्यक्त की। जिन्हें उन्होंने गोरखपुर में मिलने का समय दिया गया था। उनके साथ हरियाणा के महंत लालनाथ जी महराज भी थे। चंपावत जिले में स्थित गुरु गोरक्षनाथ की देश में ही नहीं पूरे वैश्विक स्तर पर ऐसी मान्यता है,जहां स्वयं गुरु महाराज ने सतयुग की धोना की अखंड ज्योति प्रज्वलित की थी। जो आज भी यहां प्रज्वलित हो रही है तथा यह स्थान देश-विदेश के साधकों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मालूम हो कि गुरु जी ने हिंदू सनातन धर्म को सुरक्षित एवं संगठित कर उसमें ऊंच-नीच की भावनाओं को समाप्त कर समरसता पूर्ण समाज की रचना करने की परिकल्पना की गई थी। आज नाथ संप्रदाय के देश-विदेश में करोड़ों श्रद्धालु है। नेपाल के गोरखाओं को सदा “अजेय” रहने का आशीर्वाद भी गुरु जी ने ही उन्हें दिया था। तभी से नेपाल में लोग पीठाधीश्वर के रूप में योगी आदित्यनाथ जी को पूर्ण श्रद्धा व सम्मान से देखते आ रहे हैं। पीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के देश-विदेश में भी करोड़ों उपासक हैं।
मुख्यमंत्री ने रामनाथ जी महाराज से यहां की गतिविधियों की जानकारी भी ली। रामनाथ जी ने मठ परिसर में ही हेलीपोर्ट की स्थापना के लिए धामी जी प्रयत्नशील है। मठ के कार्यों में यूपी के कुशीनगर निवासी मनीष कुमार चंपावत के जिलाधिकारी के रूप में उन्हें आशाओं से अधिक सहयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा हिमालय के दर्शन कर मुझे अपारशक्ति व सामर्थ ही नहीं मिलती बल्कि मुझे चट्टान की तरह संकल्प शक्ति भी मिलती है। जिस दिन गुरु महाराज का मुझे वहां आने का बुलावा मिलेगा उस दिन में यहां के अखंड धोना का टीका लगाने आकर अपनी मनोकामना पूर्ण करूंगा।
Jaya punetha editor in chief ।



