मुख्य सचिव आनंद वर्धन का दो दिवसीय चंपावत दौरा।

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मुख्य सचिव आनंद वर्धन का दो दिवसीय चंपावत दौरा

मॉडल जिले के विकास की रूपरेखा को देंगे नई दिशा।

प्रशासनिक तैयारियाँ पूरी, पर्यटन से लेकर आध्यात्मिक कॉरिडोर तक पर होगा फोकस

पहली बार मुख्य सचिव के रूप में चंपावत पहुंचेंगे आनंद वर्धन।

चंपावत। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन 1 दिसंबर को दो दिवसीय भ्रमण पर मॉडल जिले चंपावत पहुंच रहे हैं। मुख्य सचिव का यह दौरा उनके पदभार ग्रहण करने के बाद जिले का पहला दौरा है, जिसे लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह मुस्तैद हो चुकी है। जिले में विकास कार्यों की गति को परखने, नई संभावनाओं की तलाश करने और भविष्य की कार्ययोजना को मजबूत करने के उद्देश्य से यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा चंपावत को मॉडल जिला घोषित किए जाने के बाद यहां विकास का खाका तेजी से खींचा जा रहा है। हाल ही में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत दो दिनों के दौरे में प्रगति की समीक्षा कर चुके हैं। अब मुख्य सचिव वर्धन का आगमन इस अभियान में नई ऊर्जा जोड़ने वाला माना जा रहा है। पर्यटन और आध्यात्मिक सर्किट पर खास नजर। जिले में धार्मिक, प्राकृतिक, साहशीक व आध्यात्मिक पर्यटन को वैश्विक नक्शे पर स्थापित करने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। शारदा कॉरिडोर, गोलज्यू कॉरिडोर और मानसखंड कॉरिडोर के अंतर्गत महत्वपूर्ण मंदिरों एवं पर्यटक स्थलों को जोड़ने का काम चल रहा है।

अब मायावती आश्रम को केंद्र में रखकर आध्यात्मिक कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में भी आवश्यक पहल की गई है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा शिव भक्तों की प्रसिद्ध सप्तकोशी परिक्रमा को पुनर्जीवित करने का प्रयास भी जिले के लिए एक बड़े परिवर्तन की दिशा माना जा रहा है। अगर यह योजना धरातल पर उतरती है तो कैलाश–मानसरोवर यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मानेश्वर धाम एक महत्वपूर्ण धाम बन सकता है। योजना के तहत दिल्ली से प्रस्थान कर तीर्थयात्री रात्रि विश्राम के लिए मानेसर महादेव मंदिर पहुंचेंगे, जहां वे ध्यान–योग कर सकेंगे। सुबह पवित्र जल से स्नान कर यात्री अपनी आगे की यात्रा प्रारंभ करेंगे। स्थानीय मान्यता के अनुसार, पांडव काल में अर्जुन द्वारा मानसरोवर से जल आवाहन कर इस स्थान पर प्रवाहित की गई जलधारा आज भी प्रवाहमान है, जो इसे और भी पवित्र बनाती है। मुख्य सचिव के इस दौरे से न केवल जिले में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी, बल्कि विकास की नई कड़ियां भी जुड़ने की उम्मीद की जा रही है। पर्यटन, कनेक्टिविटी, प्रशासनिक ढांचा और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर विशेष समीक्षा कि जाएगी।

Jaya punetha editor in chief ।