एग्रीस्टैक योजना को गति देने के लिए जनपद में शुरू होगा ‘सहायक मोड’; जिलाधिकारी ने 20 मई तक लक्ष्य पूर्ण करने के दिए निर्देश ।

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चम्पावत 18 मई 2026

*एग्रीस्टैक योजना को गति देने के लिए जनपद में शुरू होगा ‘सहायक मोड’; जिलाधिकारी ने 20 मई तक लक्ष्य पूर्ण करने के दिए निर्देश*

*फार्मर रजिस्ट्री अभियान में अब ग्राम स्तरीय कार्मिकों की भी होगी भागीदारी, किसानों के पंजीकरण कार्य में आएगी तेजी*

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने एग्रीस्टैक योजनान्तर्गत जनपद के समस्त किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा आगामी 20 मई, 2026 तक विशेष अभियान चलाकर इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके अनुपालन में जनपद स्तर पर अभियान को और अधिक प्रभावी एवं गतिशील बनाया जा रहा है।

वर्तमान में जनपद में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य सीएससी मोड, कैम्प मोड तथा सेल्फ मोड के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी कार्य को और अधिक गति देने के उद्देश्य से अब राज्य सहित जनपद में भी अन्य राज्यों की तर्ज पर नया ‘सहायक मोड’ प्रारम्भ किया जा रहा है।

इस व्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न विभागों के ग्राम स्तरीय कार्मिकों का सहयोग लिया जाएगा, जिससे किसानों की फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया को गांव स्तर तक सरल और सुगम बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि सहायक मोड के अंतर्गत मनरेगा के ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत राज विभाग के ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर, कृषि विभाग के किसान सहायक, बैंक सखी एवं बैंक कॉरेस्पोन्डेंट तथा प्राथमिक कृषि सहकारिता समितियों के सचिवों को पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्य करने हेतु अधिकृत किया जाएगा। इन सभी कार्मिकों को मुख्य कृषि अधिकारी के स्तर से फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर यूजर आईडी उपलब्ध कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रति सफल फार्मर पंजीकरण पर पंजीकरण अधिकारी को पांच रुपये तथा वेरीफायर या एप्रूवर अधिकारी को पांच रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। वहीं यदि पंजीकरण स्वतः सफल हो जाता है तो पंजीकरण अधिकारी को सीधे दस रुपये का मानदेय देय होगा।

उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ समस्त विकासखण्डों एवं तहसीलों में तैनात संबंधित कार्मिकों का विवरण निर्धारित प्रारूप में तत्काल मुख्य कृषि अधिकारी चम्पावत को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि शीघ्र यूजर आईडी सृजित कर कार्य प्रारम्भ कराया जा सके।

जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी संबंधित कार्मिकों को फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर अविलंब पंजीकृत करते हुए आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाए तथा प्रशिक्षण उपरांत उन्हें तत्काल कार्य में लगाया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को भी निर्देशित किया कि जनपद के सभी कॉमन सर्विस सेन्टरों (सीएससी) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेज गति से और बिना किसी व्यवधान के संचालित कराया जाए।

[18/05, 11:39] Asha Mam Suchna Vibhag: चम्पावत 18 मई, 2026 सूवि।

*ईंधन एवं ऊर्जा संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी के सख्त निर्देश; सरकारी काफिलों में 50% कटौती, शनिवार को मनाया जाएगा ‘नो व्हीकल डे’*

*वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को मिलेगा बढ़ावा, कारपूलिंग, साइकिल और ऊर्जा बचत को जनआंदोलन बनाने की तैयारी*

वैश्विक परिस्थितियों के चलते बढ़ती ईंधन लागत और आर्थिक दबाव को देखते हुए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद में ईंधन बचत, ऊर्जा संरक्षण तथा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण केवल प्रशासनिक आवश्यकता नहीं बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब सरकारी विभागों में बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

साथ ही निजी क्षेत्र में भी ‘वर्क फ्रॉम होम’ संस्कृति को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया है।

ऊर्जा बचत के उद्देश्य से सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या को तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत तक सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त सरकारी एवं निजी भवनों, मॉल, होटल तथा रेस्तरां में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने अथवा एसी के अनावश्यक उपयोग को हतोत्साहित करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने अनावश्यक सजावटी प्रकाश व्यवस्था पर नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए हैं। जनपद में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईवी चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

साथ ही प्रत्येक शनिवार को विशेष ‘नो व्हीकल डे’ अभियान चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन तथा साइकिल के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए “मेड इन उत्तराखण्ड” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं जीआई टैग उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए एमएसएमई इकाइयों एवं स्वयं सहायता समूहों को प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, ताकि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके।

पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन देने हेतु धार्मिक, ग्रामीण, वेलनेस एवं इको-टूरिज्म सर्किटों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। वहीं सरकारी स्तर पर गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

स्वास्थ्य एवं बचत को ध्यान में रखते हुए आशा कार्यकर्ताओं एवं महिला समूहों के माध्यम से कम तेल वाले भोजन के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही विद्यालयों एवं सरकारी कैंटीनों में तेल के उपयोग की समीक्षा भी की जाएगी।

कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती एवं जीरो बजट फार्मिंग को बढ़ावा देकर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। एग्रीस्टैक एवं फार्मर आईडी के माध्यम से उर्वरक प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के अंतर्गत रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा तथा नेट मीटरिंग अनुमोदनों की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। साथ ही पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार को मिशन मोड में संचालित करने तथा माइनिंग, सोलर एवं पावर प्रोजेक्ट्स को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से त्वरित स्वीकृति प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने नागरिकों से कम से कम एक वर्ष तक नई सोने की खरीद सीमित रखने तथा सामाजिक एवं धार्मिक नेताओं के सहयोग से पुराने आभूषणों के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।

जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन दिशा-निर्देशों का स्वयं कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें तथा अधीनस्थ कार्मिकों के माध्यम से भी इसे प्रभावी रूप से लागू कराया जाए।

Jaya punetha editor in chief ।