सेतु आयोग के पायलट प्रोजेक्ट को जमीनी रूप देने के लिये मध्यगंगोल क्षेत्र में जाकर विशेषज्ञों ने किसानों से किया सीधा संवाद ।

सेतु आयोग के पायलट प्रोजेक्ट को जमीनी रूप देने के लिये मध्यगंगोल क्षेत्र में जाकर विशेषज्ञों ने किसानों से किया सीधा संवाद ।

कृषि विशेषज्ञों का मानना था की आधुनिक ज्ञान विज्ञान का पारंपरिक खेती में समावेश किए जाने से यहां की बदल सकती हैं तस्वीर

लोहाघाट।

सेतु आयोग द्वारा पाटी ब्लॉक को कृषि के क्षेत्र में नया स्वरूप देने के उद्देश्य से तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा आज मध्यगंगोल के जनकांडे गांव में जाकर किसानों से सीधा संवाद किया। गोष्टी मैं वयोवृद्ध किसान प्रह्लाद सिंह माहरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा की आज खेती के सामने कई समस्याएं हैं, यदि जंगली जानवरों से बचाव, सिंचाई सुविधा,उन्नत बीज, हर स्तर पर किसानों को प्रोत्साहित किया जाए तो खेतों को फिर से आबाद किया जा सकता है । इस से पहले यहां के किसानों और बाटुली एफपीओ के टीम लीडर नरेंद्र माहरा आदि ने कृषि वैज्ञानिकों का स्वागत करते हुए उन तमाम दिक्कतों का उल्लेख किया जिस से किसानों का मोह भंग होता जा रहा है। दिल्ली से आए सोशलअल्फा के राहुल दीप और इस अवसर पर लखनऊ, तमिलनाडु, बिहार एवम मध्यप्रदेश से आए कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि आज ऐसी तकनीक विकसित हो गई है जिसका उपयोग करने से जंगली जानवर खेती को नुकसान नही पहुंचाएंगे । कृषि विशेषज्ञों की टीम ने ऐसी जानकारियां दी जिनका उपयोग किए जाने से यहां की खेती को नया जीवन मिलेगा।

सेतु आयोग के गिरिजा शंकर पीपीओ संतोषी, उद्यान विभाग के पूरन बिष्ट,रेशम विभाग के विनोद माहरा ने कहा कि सेतु आयोग द्वारा पाटी ब्लॉक को जिस सोच के साथ चयन किया गया है उसे देखते हुए यह दावे के साथ कहा जा सकता है की यहां के किसानों के अच्छे दिन आने वाले हैं इस अवसर पर नाबार्ड की डीडीएम स्वाति कार्की और सेतु की सलाहकार भावना पांडे ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि पाटी ब्लॉक अंतर्गत संचालित किया जाने वाला यह पायलट प्रोजेक्ट किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बीडीओ अवनीश उपाध्याय ने कृषि विशेषज्ञों एवम सेतु आयोग के सलाहकार टीम का स्वागत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि यहां के किसान इतने जागरूक हैं की यदि उन्हें उचित प्रोत्साहन, सहयोग एवम सहारा दिया जाए तो यह पलायन कर चुके लोगों को अपनी माटी से जोड़ने में भी सफल होंगे।

Jaya punetha editor in chief ।

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