पाटी ब्लॉक में कीवी के उत्पादन का ट्रायल हुआ सफल। निकट भविष्य में बढ़ाया जाएगा इसका प्रक्षेत्र। 

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मानेश्वर समाचार।

28 अगस्त 2025

पाटी ब्लॉक में कीवी के उत्पादन का ट्रायल हुआ सफल। निकट भविष्य में बढ़ाया जाएगा इसका प्रक्षेत्र।

डीएचओ ने किसानों के खेतों में जाकर उनके सफल प्रयासों के लिए थप- थपाई उनकी पीठ।

लोहाघाट। पाटी ब्लॉक अंतर्गत सेव के डिलीशियस प्रजाति के विकल्प के रूप में यहां कीवी लगाने का ट्रायल सफल रहा है। जिससे इसके और विस्तार की संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। एक समय था, जब यहां डिलीशियस प्रजाति का सेव व्यापक मात्रा में उत्पादित होता था। किंतु मौसम में आए परिवर्तन से इसे शीतकाल में आवश्यक चिलिंग टेंपरेचर ना मिलने से इसकी पैदावार पूरी तरह समाप्त हो गई है। अब इसका स्थान कीवी एवं सेव की नई प्रजाति एम_9 ने लेना शुरू किया है। आज डीएचओ हरीश कोहली द्वारा ब्लॉक के एडियो उद्यान प्रदीप कुमार पचोली के साथ गरसाड़ी,धरोंज, वालिक एवं जोलाड़ी गांव का भ्रमण कर किसानों से वार्ता की तथा उद्यानीकरण के क्षेत्र में उन्हें हो रही दिक्कतों की जानकारी प्राप्त की।

गरसाड़ी गांव में भूपेंद्र गहतोड़ी ने 30 नाली तथा भुवन गहतोड़ी ने 20 नाली भूमि में कीवी का उत्पादन किया है। इसी प्रकार धरोंज के प्रकाश जोशी ने 15 नाली में कीवी के अलावा सेव की एम _9 प्रजाति व अदरक की खेती की गई है। इधर जोलाड़ी गांव के राजीव कुमार के खेतों में जहां लिलियम की व्यापक स्तर पर खेती कर यह किसान प्रतिवर्ष 10 से 12 लाख रुपए अर्जित कर रहे हैं। इसी गांव में रूप सिंह एवं लक्ष्मण सिंह भी फूलों की खेती से अपना अच्छा व्यवसाय कर रहे हैं।

डीएचओ के अनुसार ब्लाक अंतर्गत बागवानी एवं सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में एडियो उद्यान प्रदीप पचौली द्वारा किसानों को जिस प्रकार प्रोत्साहित किया गया है, उसके परिणाम जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। फूलों की खेती को और बढ़ावा देने के लिए फूल उत्पादकों के सामने मंडी की बड़ी समस्या है। यदि हल्द्वानी में मंडी बन जाती है तो इस व्यवसाय से सैकड़ों ओर किसान भी इस खेती से जुड़ेगे। जिन किसानों के यहां सिंचाई के लिए पानी की सुविधा नहीं है, वहां सिंचाई की व्यवस्था करने के साथ ड्रिप इरीगेशन की सुविधा भी दी जाएगी। जिससे कम पानी में किसान अपने उत्पादन को बढ़ा सके। डीएचओ ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्ति की यहां के किसान वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्हें थोड़ा सहारे की आवश्यकता है। किसानों ने जो समस्याएं रखी है उन्हें दूर करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

Jaya punetha editor in chief ।