मानेश्वर समाचार।
07 जुलाई 2025
*निराश्रित गौवंश संरक्षण हेतु समन्वित प्रयास—जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश*
जनपद चंपावत में निराश्रित एवं बेसहारा गौवंशों की समुचित देखरेख, संरक्षण एवं पुनर्वास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपदीय पशु क्रूरता निवारण समिति एवं गौसदन की स्थापना एवं संचालन विषयक बैठक का आयोजन जिला सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने की।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में आवारा एवं निराश्रित पशुओं की रोकथाम एवं प्रबंधन के लिए व्यावहारिक एवं ठोस रणनीति अपनाई जाए। उन्होंने टनकपुर और बनबसा क्षेत्रों में बाहरी जनपदों से आने वाले आवारा पशुओं की निगरानी एवं उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जनपद में गौवंशों की टैगिंग की प्रक्रिया को तेज किया जाए तथा उनकी पहचान हेतु रेडियम टैग युक्त बेल्ट का उपयोग अनिवार्य किया जाए। निराश्रित गौवंशों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए Cattle Lifting मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अडगड़ा (शेड) निर्माण की आवश्यकता को चिन्हित करते हुए जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक गौशाला में गोबर गैस प्लांट की स्थापना की संभावनाओं का गहनता से परीक्षण किया जाए, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ आर्थिक स्थायित्व भी सुनिश्चित हो सके।
गौशालाओं की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए तारबाड़ (फेंसिंग) तथा सोलर लाइट्स लगाए जाने की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि निराश्रित पशुओं की समस्या केवल कानून व्यवस्था या सफाई व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक उत्तरदायित्व भी है, जिसे सभी विभागों को समन्वय से निभाना होगा।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ वसुंधरा गर्ब्याल, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका चम्पावत भरत त्रिपाठी, लोहाघाट सौरभ नेगी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत कमलेश बिष्ट, समाजिक कार्यकर्ता शंकर दत्त पांडे, भूवन चन्द, ओम प्रकाश जोशी, कृष्णानन्द,अमित गडकोटी, धर्मानंद पांडे सहित पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
Jaya punetha editor in chief ।



