*जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश*

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चम्पावत,

 

*जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश*

 

*पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचे योजनाओं का लाभ: जिलाधिकारी*

 

*दिव्यांगजन कल्याण, पेंशन और छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर*

 

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कार्यालय सभागार में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में विभागीय योजनाओं की वर्तमान स्थिति, लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने, निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

बैठक में वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग पूर्वदशम छात्रवृत्ति, एससी-एसटी विवाह अनुदान योजना, दिव्यांगजन कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं तथा एससी-एसटी अत्याचार उत्पीड़न सहायता योजना सहित समाज कल्याण विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।

 

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद का कोई भी पात्र वृद्ध, दिव्यांग अथवा जरूरतमंद व्यक्ति सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों का समय पर चिन्हीकरण कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाए तथा आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए।

 

जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र अनुसूचित जाति परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी को इस योजना के पात्र लाभार्थियों की पहचान अधिक से अधिक लाभ प्रदान किये जाने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि पात्र नागरिक स्वयं आगे आकर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और इसके लिए सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।

 

जिलाधिकारी ने मा.मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि निर्माणाधीन अंबेडकर भवन का कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराया जाए। साथ ही दिव्यांगजनों के लिए छात्रावास निर्माण की दिशा में आवश्यक प्रस्ताव एवं अन्य औपचारिक कार्यवाही किये जाने की बात कही , जिससे दिव्यांग विद्यार्थियों एवं लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

 

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड सत्यापन एवं विभागों के मध्य बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। जिन पात्र व्यक्तियों के आवेदन लंबित हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए तथा प्रत्येक योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।

 

बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री आर.एस. सामंत ने विभागीय योजनाओं की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि जनपद में वर्तमान में वृद्धावस्था पेंशन योजना के 17,532 लाभार्थियों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की दर से विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं के अंतर्गत कुल 3,712 दिव्यांग लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना के तहत 2,519, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत 286, तीलू रौतेली दिव्यांग पेंशन योजना के तहत 634 तथा जन्म से दिव्यांग (0-18 वर्ष) श्रेणी के 271 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जा रही है।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि समाज कल्याण विभाग की योजनाएं समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्ग के जीवन स्तर में सुधार लाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ समय पर, पारदर्शी एवं सुगमता से प्राप्त हो तथा शासन की जनकल्याणकारी सोच का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

 

बैठक में अपर परियोजना निदेशक सुश्री विम्मी जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री मान सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्री देवेंद्र पटवाल, अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री किशन चौहान, अधिशासी अधिकारी श्री भरत त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।