96 घंटे से लगातार स्वांला डेंजर जोन में बंद है टनकपुर- पिथौरागढ़ मुख्य राजमार्ग ।

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मानेश्वर समाचार।

2 सितंबर 2025

96 घंटे से लगातार स्वांला डेंजर जोन में बंद है टनकपुर- पिथौरागढ़ मुख्य राजमार्ग ।

जिलाधिकारी द्वारा सुबह से ही ग्राउंड जीरो मै लगातार किया जाता रहा निरीक्षण।

चंपावत। लगातार हो रही वर्षा के कारण जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है वही, घाट से लेकर टनकपुर राजमार्ग के बीच स्वांला डेंजर जोन में सड़क से लगातार मलवा, बोल्डर आने के कारण सड़क पिछले 96 घंटों से बंद है। जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा स्वांला डेंजर जोन समेत विभिन्न स्थानों में ग्राउंड जीरो में जाकर वहां की सड़कों की हालत का जायजा लिया गया। इस दौरान उन्होंने लोगों की व्यक्तिगत संपत्ति को हुए नुकसान की भी जानकारी प्राप्त की। जिला प्रशासन के सभी अधिकारी विभिन्न मार्गो में सड़क खुलवाने के काम में लगे हुए हैं। जिलाधिकारी के अनुसार स्वांला डेंजर जोन में ऊपर से लगातार बोल्डर मलवा आने से नीचे सड़क से मलवा हटाने में दिक्कत आ रही हैं, अलबत्ता बरसात थमने के बाद मलवा स्टेबल होने पर सड़क से मलवा हटाने का कार्य तेज हो जाएगा। यदि वर्षा नहीं हुई तो देर शाम तक यहां सड़क खुल जाएगी। टनकपुर मार्ग में टिफिन टॉप के पास आए मालबे को हटाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। एन एच के अधिशाषी अभियंता दीपक जोशी के अनुसार बापरू से घाट तक सड़क को खोला जा चुका है। संतोला में लगातार मलवा आने से यहां कुछ घंटे के लिए सड़क बाधित हो गई थी। बहरहाल वर्षा कुछ समय के लिए रुकने के कारण यहां मलबा हटाने का कार्य तेज हो गया है। लोनिवि द्वारा प्रत्येक सड़क में संवेदनशील स्थानों में जेसीबी रखी गई है। स्वयं अधिशाषी अभियंता हितेश कांडपाल ग्राउंड जीरो में सड़क से मलबा हटवाने का काम करवा रहे हैं। श्री कांडपाल के अनुसार लोनिवी लोहाघाट डिविजन की सभी सके और शाम तक खुल जाएंगी।        जिलाधिकारी द्वारा आपदा प्रबंधन संचालन केंद्र का भी निरीक्षण किया गया तथा देर तक वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जिलों के सभी अभियंताओं व अधिकारियों से सीधा संवाद कर स्थिति का बराबर जायजा लिया। टनकपुर बनबसा क्षेत्र में मची तबाही की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है तथा नेपाल से लगे रौशाल गांव में आपदा से प्रभावित 16 लोगों को स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में रखा गया है, जहां उनके भोजन, पानी, बिस्तर आदि की व्यवस्था की गई है। उधर जिलाधिकारी के आदेश जमीनी स्तर पर कारगर होते दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोयाटी गांव की बीमार 95 वर्षीय रेवती आ के घर जाकर उनका स्वस्थ विभाग की ओर से उपचार किया गया। इधर जिला अस्पताल में स्वयं जिलाधिकारी द्वारा गधेरे मै बहने से घायल हुई महिला को स्वयं अपने वाहन मै लाकर उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, उस महिला की हालत में काफी सुधार हुआ है।आज चिकित्सालय में भर्ती तल्लादेश क्षेत्र के एक वृद्ध व्यक्ति कि मृत्यु होने पर वहां कि परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा डेड बॉडी को गंतव्य तक पहुंचने की व्यवस्था की गई। आम लोगों का कहना था कि आपदा की विकट स्थिति से लोगों को उभारने एवं उन्हें राहत देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूरी संवेदनशीलता एवं मानवीय व्यवहार अपनाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने फिर लोगों से अपील की है कि वह बहुत जरूरी होने पर ही सड़क मार्ग से यात्रा करें, मार्ग की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।जिलाधिकारी के साथ पूरे भ्रमण मै एडीएम जयवर्धन शर्मा भी थे।

jaya punetha editor in chief ।