सेतु आयोग की पहल रंग लाई, उत्तराखंड के पहले बायोमास कोल्ड स्टोरेज से किसानों को मिलेगा बड़ा सहारा।

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पहाड़ की खेती में बदलाव की बयार: जंगली जानवरों पर लगी ‘लक्ष्मण रेखा’, किसानों को नई उम्मीद।

सेतु आयोग की पहल रंग लाई, उत्तराखंड के पहले बायोमास कोल्ड स्टोरेज से किसानों को मिलेगा बड़ा सहारा।

लोहाघाट। पहाड़ के किसानों की जिंदगी बदलने की दिशा में सेतु आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयास अब धरातल पर असर दिखाने लगे हैं। जंगली जानवरों द्वारा मेहनत से तैयार फसलों को बर्बाद किए जाने से खेती से दूर हो रहे किसानों के लिए अब नई उम्मीद जगी है। हारबोलिब के छिड़काव के बाद किसानों के खेतों में जंगली जानवरों की घुसपैठ रुकती दिखाई दे रही है। कानाकोट निवासी किसान अमर सिंह बोहरा ने पांच नाली भूमि पर किए गए प्रयोग के बाद वीरान पड़ी जमीन से छह कुंतल गेहूं उत्पादन कर नई मिसाल पेश की है। अच्छी गुणवत्ता की फसल मिलने से क्षेत्र के किसानों का खेती के प्रति भरोसा फिर लौटने लगा है। इसी क्रम में कृषक उत्पादक संगठन खुतेली में उत्तराखंड के पहले बायोमास से संचालित कोल्ड स्टोरेज का शुभारंभ किया गया। सेतु आयोग के थिंक टैंक एवं तीन दशक तक कॉर्पोरेट जगत में अपनी विशेष पहचान बना चुके राजशेखर जोशी ने कहा कि अब पहाड़ की खेती बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुकी है। न्यू लीफ डायनेमिक टेक्नोलॉजी कंपनी बेलगांव द्वारा लगभग 15 लाख रुपये की लागत से स्थापित यह 15 मीट्रिक टन क्षमता वाला कोल्ड स्टोर बिजली के साथ-साथ बायोमास से भी संचालित होगा। इससे किसान अपने उत्पाद लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे और बाजार में मांग बढ़ने पर बेहतर दामों में बेचकर अधिक लाभ कमा सकेंगे। कोल्ड स्टोर में ड्राइंग सिस्टम की सुविधा भी दी गई है, जहां कृषि उत्पादों को सुखाकर सुरक्षित किया जा सकेगा। राजशेखर जोशी ने बताया कि देवीधुरा के समीप कनबाड़ गांव में स्थापित स्मार्ट विलेज सेंटर की सफलता के बाद अब जनकांडे, तपनीपाल, चौडांकोट, कानाकोट और सिरमोली गांवों में भी नए स्मार्ट विलेज सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, नए शोध, बाजार प्रबंधन और डिजिटल सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। यहां सीएससी केंद्र समेत तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे स्थानीय किसान सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ सकेंगे। टाटा समूह के वित्तीय सहयोग से रिचा फाउंडेशन द्वारा स्थापित किए जाने वाले इन स्मार्ट विलेज केंद्रों में किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रिसिजन फार्मिंग, पैकेजिंग, टैगिंग और ग्रेडिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कंपनी प्रतिनिधि परितोष बिष्ट ने बताया कि इन तकनीकों के जरिए किसानों के उत्पादों की बाजार कीमत कई गुना तक बढ़ाई जा सकेगी। प्रगतिशील किसान लक्ष्मण सिंह मेहरा की अध्यक्षता और कविराज मौनी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में किसान उत्पादक संगठन के संचालक नरेंद्र मेहरा, जिला पंचायत सदस्य अशोक मेहरा, ग्राम प्रधान प्रकाश मेहरा, गोविंद बोहरा, बृजेश बोहरा, आशीष मेहरा, विनोद मेहरा समेत कई किसानों और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मिबिपो कंपनी के सुमित यादव, स्टेपीफाई कंपनी के आशीष तथा अन्य प्रतिनिधियों ने भी किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों की जानकारी दी। इस दौरान बैटरी चालित कृषि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे किसानों ने काफी पसंद किया। मुस्कान और शुभम ने किसानों को मृदा परीक्षण के लाभ और वैज्ञानिक खेती के महत्व की जानकारी दी। वक्ताओं ने बाटुली एफपीओ के टीम लीडर नरेंद्र महरा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय किसानों की तकदीर और इलाके की तस्वीर बदलने की दिशा में उल्लेखनीय समन्वय स्थापित किया है।

Jaya punetha editor in chief ।