सेतु आयोग कृषि स्टार्टअप के जरिए पहाड़ों में लोगों को खेत से जोड़ने के, खोल रहा है नए द्वार।

Spread the love

सेतु आयोग कृषि स्टार्टअप के जरिए पहाड़ों में लोगों को खेत से जोड़ने के, खोल रहा है नए द्वार।

टिहरी के आगराखाल एवं चंपावत के पाटी ब्लॉक में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू की जाएगी खेती की नई पहल।

चंपावत। पहाड़ों में खेती से संबंधित सभी समस्याओं एवं परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद नई सोच एवं संकल्प के साथ स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर एंपावरिंग एंड ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड “सेतु” सामने आया है। पर्वतीय क्षेत्रों की पारंपरिक खेती को आधुनिक कृषि, ज्ञान विज्ञान व अनुसंधान से जोड़कर खेती एवं किसानो को मजबूती देने के लिए सेतु आयोग के उपाध्यक्ष एवं कारपोरेट जगत की नामी शख्सियत रहे राजशेखर जोशी की पहल एवं प्रयास अब जमीन पर किसान की तकदीर बदलेंगे। श्री जोशी के अनुसार खेत प्रकृति का किसान के लिए एक ऐसा वरदान है, जहां एक दाना बौने पर सो दाने लौटकर आते हैं। पहाड़ों में किसानों के सामने हाड़ तोड़ मेहनत करने के बाद जंगली जानवरों द्वारा उनके अरमान ध्वस्त करना, मिट्टी की जांच आदि तमाम विषम परिस्थितियों का अध्ययन करने के लिए बाद उत्तराखंड के टिहरी जनपद के आगराखाल एवं कुमाऊं में चंपावत जिले के पाटी ब्लॉक को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया गया है। जहां गेट्स फाउंडेशन एवं कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से इस ओर कदम बढ़ाए है ।

उन्होंने बताया मिट्टी की जांच, फसलों को कीटो से बचाव, खेती, खेत एवं उत्पादन के बचाव मशीनों का आंशिक उपयोग, वन्यजीवों से खेती की सुरक्षा के साथ कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप पर विशेष जोर दिया गया है। सेतु आयोग के उपाध्यक्ष का कहना है की पर्वतीय खेती की सभी परिस्थितियों, उत्पादन से लेकर मार्केटिंग एवं उनके संरक्षण आदि पर गंभीरता से विचार विमर्श करने के बाद यह बात सामने आई है कि किसान खेत एवं खेती पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए कार्य करें तो निश्चित तौर पर हम लोगों की खेती से उनका पुराना रिश्ता जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वावलंबन के बल पर उनके लिए स्वाभिमान से जीवन यापन के अवसर देने में सक्षम होंगे। पाटी में 16 अक्टूबर को अपराह्न इस पायलट प्रोजेक्ट का श्री जोशी शुभारंभ करेंगे।

Jaya punetha editor in chief ।