रायनगर चौड़ी: जहां विकास सिर्फ योजनाओं में नहीं, जमीन पर दिखाई देता है।

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रायनगर चौड़ी: जहां विकास सिर्फ योजनाओं में नहीं, जमीन पर दिखाई देता है।

कुमाऊं के इस आदर्श गांव की तस्वीर देख बोले संयुक्त निदेशक राजेंद्र तिवारी— हर ग्राम पंचायत को यहां से लेनी चाहिए प्रेरणा।

लोहाघाट। कुमाऊं का रायनगर चौड़ी गांव आज ग्रामीण विकास, स्वच्छता और जनसहभागिता की ऐसी मिसाल बन चुका है, जिसे देखने के बाद हर कोई प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता। अर्थ एवं संख्या विभाग के संयुक्त निदेशक राजेंद्र तिवारी ने गांव का भ्रमण करने के बाद कहा कि रायनगर चौड़ी ने यह साबित कर दिया है कि यदि ग्रामीण जागरूक हों और विकास के प्रति सामूहिक सोच रखें तो सीमित संसाधनों में भी गांव को आदर्श बनाया जा सकता है।

ग्राम प्रधान जानकी राय, पूर्व ग्राम प्रधान जितेंद्र राय, सामाजिक कार्यकर्ता भैरत दत्त राय तथा अन्य ग्रामीणों ने संयुक्त निदेशक का स्वागत करते हुए उन्हें गांव के विभिन्न विकास कार्यों का विस्तृत अवलोकन कराया। भ्रमण के दौरान उन्होंने पाया कि ग्रामीणों ने अपने पूर्वजों की धरोहर पारंपरिक नौलों को न केवल संरक्षित रखा है, बल्कि आज भी उनके जल का नियमित उपयोग कर रहे हैं। गांव की स्वच्छता, सुव्यवस्थित संपर्क मार्ग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।

उन्होंने कहा कि किसी भी गांव की पहचान सबसे पहले उसकी स्वच्छता से होती है। रायनगर चौड़ी में प्रवेश करते ही यह महसूस हो जाता है कि यहां दूरदर्शी और प्रगतिशील सोच वाले लोग निवास करते हैं। गांव में लगभग हर गोठ में उन्नत नस्ल की गायों का पालन किया जा रहा है और सीमित कृषि भूमि होने के बावजूद किसान वैज्ञानिक तरीकों और अपने अनुभव के बल पर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।

संयुक्त निदेशक ने गांव में स्थापित पुस्तकालय, व्यायामशाला और जिम को नई पीढ़ी के प्रति ग्रामीणों की गंभीर सोच का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि गांव के लोग केवल वर्तमान नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भी मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं। गांव का समग्र और नियोजित विकास इस बात का प्रमाण है कि यहां पात्र लोगों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है।

महिला समूहों से बातचीत के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि रायनगर चौड़ी को आदर्श गांव का स्वरूप देने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। विकास, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता के हर अभियान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने गांव की तस्वीर बदलने में अहम योगदान दिया है।

राजेंद्र तिवारी ने बताया कि अब प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में संपत्ति रजिस्टर तैयार किया जाएगा, जिसमें गांव में विभिन्न योजनाओं और मदों से किए गए सभी कार्यों का पूरा विवरण, लागत, लंबाई-चौड़ाई और अन्य तकनीकी जानकारी दर्ज होगी। इन अभिलेखों का समय-समय पर ऑडिट भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में स्टाफ की कमी के कारण इस कार्य को अपेक्षित गति नहीं मिल सकी थी, लेकिन अब इसे प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने रायनगर चौड़ी को “सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास” की अवधारणा का जीवंत उदाहरण बताते हुए कहा कि यहां बुजुर्गों के अनुभव, युवाओं के उत्साह और महिलाओं की सहभागिता ने मिलकर विकास की ऐसी कहानी लिखी है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है ।

Jaya punetha editor in chief ।