चम्पावत
*विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में राजनीतिक दल निभाएं सक्रिय भूमिका, मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में करें सहयोग : जिलाधिकारी*
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 01 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जनपद के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों एवं उनके प्राधिकृत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए)के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करना तथा मृत, स्थानांतरित, अपात्र एवं डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर निर्वाचक नामावली को अधिक शुद्ध, विश्वसनीय एवं अद्यतन बनाना है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से एब्सेंट, डेथ एवं शिफ्ट मतदाताओं की सूची का गहन सत्यापन सुनिश्चित करें, जिससे किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से मतदाता सूची से न हटे। उन्होंने आमजन को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के प्रति जागरूक करने तथा निर्वाचन कार्मिकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का भी आह्वान किया, ताकि संपूर्ण प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो सके।
उन्होंने बताया कि जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत मतदाता गणना प्रपत्रों का 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अब प्राप्त सूचनाओं एवं अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सत्यापन के दौरान मतदाताओं को उनकी श्रेणी के अनुसार आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। श्रेणी-ए में 01 जुलाई 1987 अथवा उससे पूर्व जन्मे तथा वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली में दर्ज मतदाताओं से केवल स्वयं का एक अभिलेख लिया जाएगा।
श्रेणी-बी में ऐसे 38 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के मतदाता, जिनका नाम वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है, उनसे भी केवल स्वयं का एक अभिलेख लिया जाएगा।
इसी प्रकार श्रेणी-सी में 02 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के मध्य जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक अभिलेख तथा माता अथवा पिता में से किसी एक का एक अभिलेख प्रस्तुत करना होगा। जबकि श्रेणी-डी में 03 दिसंबर 2004 से 01 जनवरी 2025 के मध्य जन्मे मतदाताओं को स्वयं का एक अभिलेख तथा माता एवं पिता दोनों के एक-एक अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा। इसके उपरांत 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी, जिन्हें नागरिक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रस्तुत कर सकेंगे। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण 11 सितंबर 2026 तक किया जाएगा तथा 15 सितंबर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है अथवा किसी कारणवश हट गया है, अथवा कोई समस्या आ रही है तो वह बुक ए कॉल विथ बीएलओ से संपर्क करके आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक में अपर जिला अधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्री डीएस अधिकारी, नोडल अधिकारी प्रशिक्षण जीवन कलोनी, विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य भाजपा से शंकर पांडे, सतीश पांडे, कांग्रेस से चिराग फर्त्याल तथा श्याम कार्की सहित अन्य उपस्थित रहे।
Jaya punetha editor in chief ।




