निर्वाचक नामावलियों के गहन पुनरीक्षण (SIR) को ल राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित

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चम्पावत 18 मई 2026

*निर्वाचक नामावलियों के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित*

*विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में राजनीतिक दल निभाएं सक्रिय भूमिका : जिलाधिकारी मनीष कुमार*

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सभागार में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विधान सभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कार्यक्रम के संबंध में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिहीन मतदाता सूची का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा निर्धारित समयावधि में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करेंगे। इस कार्य में राजनैतिक दलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा सभी दलों को सक्रिय सहयोग प्रदान करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत 29 मई से 07 जून 2026 तक तैयारी, प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग कार्य संपन्न किए जाएंगे। इस दौरान बीएलओ के साथ-साथ बीएलए को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।

इसके उपरांत 08 जून से 07 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हुए गणना प्रपत्र (Enumeration Form) का वितरण एवं संग्रह किया जाएगा। प्रत्येक परिवार तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे। इसी अवधि में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य भी 07 जुलाई तक पूरा किया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 14 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावे एवं आपत्तियां ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से दर्ज की जा सकेंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 11 सितंबर 2026 तक किया जाएगा तथा अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि SIR कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करना तथा मृत, स्थानांतरित, अपात्र एवं डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाना है।

यह भी अवगत कराया गया कि Enumeration Phase के दौरान किसी भी प्रकार के दस्तावेज एकत्र नहीं किए जाएंगे। आधार कार्ड केवल पहचान प्रमाण के रूप में मान्य होगा, नागरिकता प्रमाण के रूप में नहीं। साथ ही आधार संख्या देना पूर्णतः वैकल्पिक रहेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि विधान सभा निर्वाचक नामावलियों के गहन पुनरीक्षण के सफल संचालन के लिए प्रत्येक मतदेय स्थल पर नियुक्त बीएलओ के सहयोग हेतु सभी राजनीतिक दलों द्वारा बीएलए की नियुक्ति किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है अथवा किसी कारणवश हट गया है, तो वह प्रारूप-6 एवं घोषणा पत्र भरकर अपना नाम पुनः दर्ज करा सकता है।

प्रारूप निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के बाद प्राप्त सभी दावे एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रीय पदाधिकारियों एवं बीएलए के माध्यम से मतदाताओं को SIR कार्यक्रम के प्रति जागरूक करें तथा बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि यह प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष महर, बीएसपी जिलाध्यक्ष रामनरेश, बी एल ए 1 चम्पावत शंकर दत्त पाण्डेय, एल ए 1 चम्पावत भुवन चौबे सहित अन्य राजनीतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।