चम्पावत 22 मई 2026
*जिम कॉर्बेट की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगा नया स्वरूप, फूंगर स्थित कॉर्बेट बंगले का जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किया निरीक्षण*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जनपद चंपावत में जिम कॉर्बेट से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं पर्यटन विकास को लेकर तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से जहां जनपद में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी, वहीं ऐतिहासिक विरासतों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
इन्हीं कार्यों की प्रगति का जायजा लेने हेतु जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने फूंगर स्थित ऐतिहासिक कॉर्बेट बंगले का निरीक्षण कर निर्माण एवं विकास कार्यों का अवलोकन किया।
लगभग 20 लाख रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे इस ऐतिहासिक बंगले में पर्यटकों के लिए म्यूजियम, रिसेप्शन, टिकट काउंटर, स्मृति वस्तु (Souvenir) शॉप तथा रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
एसडीओ फॉरेस्ट सुनील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह वही ऐतिहासिक बंगला है, जहां प्रसिद्ध शिकारी एवं प्रकृतिविद् जिम कॉर्बेट ने रात्रि विश्राम किया था। उन्होंने बताया कि बंगले के जीर्णोद्धार से क्षेत्र को ईको-टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए आजीविका एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त लगभग 19.7 लाख रुपये की लागत से बंगले को गौड़ी-बाघबरुड़ी ट्रेल से भी जोड़ा जा रहा है। यह ट्रेल जिम कॉर्बेट की प्रथम शिकार स्थली के रूप में ऐतिहासिक महत्व रखती है। इसी क्षेत्र में जिम कॉर्बेट ने आदमखोर बाघिन का शिकार किया था, जिसने 436 लोगों को अपना शिकार बनाया था।
एसडीओ फॉरेस्ट ने बताया कि समस्त कार्यों को जून माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने, स्थल की मौलिकता को संरक्षित रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के मानकों के अनुरूप सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, एसडीओ फॉरेस्ट सुनील कुमार, एफआरओ बृजमोहन टम्टा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
Jaya punetha editor in chief ।




