डॉक्टर को यूं ही नहीं कहा जाता धरती का भगवान। जब छुट्टी में घर गए डॉक्टर ने गोवर्धन पूजा के दिन गोमाता को दिया नया जीवन। 

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डॉक्टर को यूं ही नहीं कहा जाता धरती का भगवान। जब छुट्टी में घर गए डॉक्टर ने गोवर्धन पूजा के दिन गोमाता को दिया नया जीवन।

लोहाघाट। आखिर किसान का बेटा ही किसान के दर्द को समझता है कि उसके लिए पशु का क्या महत्व होता है।

गोवर्धन पूजा के दिन जब सभी लोग गौ माता को नहा धुला रहे थे। इसी बीच नानकमत्ता के टुकड़ी गांव में एक गाय को साड़ ने अपने सींग से पटक दिया तथा वह कृषि उपकरण से टकरा गई। जिससे गाय की फोरेसिक कैविटी फटकर उसका ओमेसस बाहर निकल कर लटक गया था और यह देखकर किसान काफी परेशान हो गया। उसे जब यह पता चला कि लोहाघाट के वेटरनरी सर्जन डॉ जेपी यादव दीपावली की छुट्टी में खटीमा आए हुए हैं थे तो परेशान गाय के मालिक ने उनसे संपर्क किया। तथा अपनी परेशानी बताई डॉक्टर यादव ने किसान की दिक्कतों को समझते हुए बिना समय गंवाए वह उनके गांव पहुंच गए।जहां दो घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद गाय को संभाल लिया गया। डॉ यादव का कहना है कि गोवर्धन पूजा के दिन उन्हें इस रूप में गौ माता की सेवा करने का अवसर मिला है। जिसके लिए वह अपने को धन्य मानते हैं डॉ यादव उन विरले चिकित्सकों में है, जिन्हें पशुओं का कष्ट नहीं देखा जाता है । उनका कहना है कि जब पशु कष्ट में होते हैं और उनके कष्ट का निराकरण ईश्वर ने उनके हाथ में दिया है।यदि मेरे प्रयास से मूक पशुओं को राहत मिलती है तो मेरे लिए यह सबसे बड़े सौभाग्य की बात होती है। डॉ यादव ऐसे सैकड़ो पशुओं को नया जीवन देते आ रहे हैं तथा मवेशियों का उपचार करते समय भले ही इनके कपड़े गोबर एवं गौमूत्र से सने रहते हैं। लेकिन इन्हें इसकी कोई परवाह नहीं रहती है।

Jaya punetha editor in chief ।