बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता—केंद्र में रही राष्ट्रीय प्रेस दिवस गोष्ठी।

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बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता—केंद्र में रही राष्ट्रीय प्रेस दिवस गोष्ठी।

जिला सूचना कार्यालय चम्पावत में पत्रकारों और प्रशासन ने रखे सुझाव, फैक्ट-चेकिंग को बताया समय की सबसे बड़ी जरूरत।

चम्पावत। राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर जिला सूचना कार्यालय चम्पावत में एक प्रभावशाली विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार ने की। कार्यक्रम में जनपद के वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने इस वर्ष की थीम—”बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण”—पर अपने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी का संचालन जिला पत्रकार संगठन के अध्यक्ष चन्द्रबल्लभ ओली ने किया, जबकि जिला सूचना अधिकारी धीरज कार्की ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। पत्रकारों ने कहा—विश्वसनीयता ही प्रेस की असली पूँजी है। गोष्ठी में मौजूद पत्रकारों ने बदलते मीडिया परिदृश्य, डिजिटल प्लेटफॉर्म की चुनौतियों और फैक्ट-चेकिंग की अनिवार्यता पर अपने अनुभव साझा किए। गिरीश बिष्ट ने कहा कि पत्रकारिता को निजी स्वार्थ से दूर रखते हुए निष्पक्षता को सर्वोपरि रखना चाहिए। दिनेश भट्ट ने पोर्टल व प्रिंट मीडिया की प्रतिस्पर्धा में बिना पुष्टि खबर प्रकाशित होने को गंभीर चुनौती बताया। लक्ष्मण बिष्ट ने कहा कि पत्रकार का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सामने लाना है, इसलिए तथ्य-पुष्टि अनिवार्य है।

जगदीश बिष्ट ने हर स्तर पर प्रेस की विश्वसनीयता बनाये रखने पर बल दिया। मयंक पंत ने तथ्य सत्यापन में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि बिना पुष्टि कोई भी समाचार प्रकाशित नहीं होना चाहिए। मृदुल पांडे ने प्रशासनिक खबरों में विभागीय स्रोतों से पुष्टि को प्राथमिकता देने की बात कही। पंकज पाठक ने सोशल मीडिया के जमाने में प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता बनाए रखने को आवश्यक बताया। दिनेश पांडे ने कहा कि खबर प्रसारित करने से पूर्व उसकी पूर्ण तथ्य-जांच आवश्यक है। उन्होंने मीडिया की निष्पक्षता, जिम्मेदारी और जनता की आवाज को शासन तक पहुँचाने की भूमिका पर बल दिया। कहा प्रेस की विश्वसनीयता ही उसका मूल्य है। नागरिकों से प्राप्त सूचनाओं को प्रकाशित करने से पूर्व सत्यापन अनिवार्य है।

चंद्रशेखर जोशी ने डिजिटल मीडिया में फैक्ट-चेकिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। जीवन बिष्ट ने भारत का उल्लेख करते हुए गुणवत्ता सुधार की आवश्यकता जताई। जिलाधिकारी ने कहा—AI और डिजिटल युग में पत्रकारिता की जिम्मेदारी और बढ़ी जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी पत्रकारों को राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सोशल मीडिया, इंटरनेट, AI व VR के दौर में पत्रकारिता नए दौर की जटिल चुनौतियों से गुजर रही है।

उन्होंने कहा कि—

“पत्रकारिता आम जनता की आवाज है। विश्वसनीय, तथ्य-आधारित और संतुलित रिपोर्टिंग ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती है।”

गोष्ठी में जिला सूचना कार्यालय के कार्मिकों सहित जनपद के सम्मानित पत्रकार उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।