माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के ‘सशक्त उत्तराखंड’ विजन के अनुरूप चम्पावत में जूट से जुड़ेगा रोजगार: महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एसबीआई आरसेटी की पहल।

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चंपावत 10 जून 2026

*माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के ‘सशक्त उत्तराखंड’ विजन के अनुरूप चम्पावत में जूट से जुड़ेगा रोजगार: महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एसबीआई आरसेटी की पहल*

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के ‘सशक्त, आत्मनिर्भर और आदर्श चम्पावत’ के विजन को धरातल पर उतारने तथा स्थानीय स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को गति देते हुए, भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (एसबीआई आरसेटी) में 14 दिवसीय (09 जून से 22 जून तक) जूट उत्पाद निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हो गया है।

इस प्रशिक्षण शिविर के जरिए ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को जूट से उपयोगी व आकर्षक उत्पाद बनाने की कला सिखाकर उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है, जिसमें जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया है।

राज्य सरकार द्वारा स्थानीय संसाधनों के संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए, इस अवसर पर जिला लीड बैंक प्रबंधक अमर सिंह ग्वाल ने पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी की ‘प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की मुहिम के तहत आज के समय में प्लास्टिक के विकल्पों के रूप में पर्यावरण के अनुकूल जूट उत्पादों की बाजार में मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जूट उत्पादों की इस बढ़ती मांग को देखते हुए यह प्रशिक्षण ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार का एक बेहतरीन माध्यम साबित होगा, जिससे लोग पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकेंगे और उन्हें खुद का व्यवसाय शुरू करने की दिशा में एक नया व मजबूत अवसर मिलेगा।

आरसेटी निदेशक प्रांशु मैठाणी ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों से प्रेरित, ग्रामीण विकास को समर्पित यह 14 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह से निःशुल्क है। इस प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को जूट के बैग, सुंदर सजावटी सामान, दैनिक घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य आकर्षक हस्तशिल्प उत्पाद बनाने की व्यावहारिक यानी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।

इसके साथ ही, सिर्फ उत्पाद बनाना ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री जी के ‘होमस्टे और स्थानीय उत्पादों को ग्लोबल पहचान दिलाने’ के दृष्टिकोण के अनुसार, तैयार उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग कैसे की जाए, बैंकिंग प्रक्रियाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे उठाया जाए और खुद का नया स्वरोजगार शुरू करने के लिए किन बातों का ध्यान रखा जाए, इस बारे में भी विशेषज्ञों द्वारा जरूरी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

चम्पावत में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। यदि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये प्रतिभागी अपने जूट उत्पादों को स्थानीय और बाहरी बाजारों से जोड़ने में सफल होते हैं, तो निश्चित रूप से यह पहल माननीय मुख्यमंत्री जी के सपनों के ‘आदर्श चम्पावत’ में एक सफल स्थानीय स्वरोजगार मॉडल के रूप में उभरकर सामने आएगी।

इस दौरान लीड बैंक अधिकारी अमर सिंह ग्वाल, प्रतिभागी सहित अन्य उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।