पंचेश्वर बनेगा एशिया का शीर्ष एंगलिंग हब।

पंचेश्वर बनेगा एशिया का शीर्ष एंगलिंग हब।

कुमाऊँ आयुक्त रावत बोले—बुनियादी सुविधाएँ मिलते ही दुनिया खिंची चली आएगी उत्तराखंड।

चंपावत। सीमांत चंपावत का पंचेश्वर एशिया महाद्वीप के सबसे बेहतरीन एंगलिंग स्पॉट्स में अपनी अनूठी पहचान रखता है। बिना किसी प्रचार-प्रसार और सरकारी सुविधाओं के भी हर वर्ष अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, रूस, सिंगापुर, मलेशिया, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और कनाडा जैसे देशों से सैकड़ों नामी एंगलर्स यहाँ पहुँचते हैं। लेकिन अभी तक सरकार की ओर से एंगलर्स के लिए पेयजल, शौचालय, शेड, मोबाइल नेटवर्क और पैदल मार्ग जैसी बुनियादी सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं हैं।

इन्हीं मुद्दों को लेकर महाकाली दुर्लभ महाशीर मछली संरक्षण के लिए सक्रिय महाशीर सहकारी समिति के अध्यक्ष होशियार सिंह ने शनिवार को पंचेश्वर पहुँचे कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत के सम्मुख विस्तृत सुझाव रखे।

आयुक्त के प्रथम आगमन पर महिला समूह की अध्यक्ष जानकी देवी व ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक तिलक लगाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।

होशियार सिंह ने आयुक्त को बताया कि हर वर्ष 500 से 700 विदेशी एंगलर्स यहाँ आते हैं, जिससे 30 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है। समिति ने स्वयं ₹5 लाख की लागत से भोजन व स्थानीय उत्पादों की व्यवस्था शुरू की है, जिससे पहाड़ी उत्पादों को बाजार भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि— “यदि बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध करा दी जाएँ तो पंचेश्वर पूरे उत्तराखंड का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बन सकता है और जिले की अर्थव्यवस्था को नए पंख लग जाएंगे।” आयुक्त रावत ने पंचेश्वर की एंगलिंग क्षमता, प्राकृतिक विशेषताओं और अंतरराष्ट्रीय महत्त्व को देखते हुए सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया तथा मौके पर मौजूद सीडीओ को आवश्यक निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने अक्टूबर–नवंबर (विंटर सीजन) तथा अप्रैल–15 जून तक (समर सीजन) अंतरराष्ट्रीय एंगलिंग मीट आयोजित करने की मांग भी उठाई।

अंतरराष्ट्रीय एंगलिंग व राफ्टिंग ने दिलाई पंचेश्वर को नई पहचान।

लोहाघाट। 2002 में इंडियन फिश कंजर्वेशन द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय एंगलिंग एवं राफ्टिंग मीट ने पहली बार पंचेश्वर को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया था। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी गोपाल कृष्ण द्विवेदी और डीएफओ नरेश कुमार ने विदेशी एंगलर्स का ध्यान यहाँ केंद्रित करने के लिए कई सराहनीय प्रयास किए।

वर्तमान जिलाधिकारी मनीष कुमार अब पंचेश्वर को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार करा रहे हैं।

फोटो कैप्शन – पंचेश्वर में कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत का पारंपरिक ढंग से स्वागत करती महिलाएँ। वहीं सहकारी समिति के अध्यक्ष होशियार सिंह, आयुक्त को एंगलिंग संभावनाओं और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी देते हुए।

Jaya punetha editor in chief ।

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