चंपावत : लोहाघाट ग्रोथ सेंटर में तैयार हो रहे लोहे के बर्तनों की मांग जनपद में ही नहीं देश के अन्य हिस्सों में तेजी से बढ़ रही है।खासकर कड़ाई, तवा और फ्राइपैन लोगों की खूब पसंद आ रहे हैं। ग्रोथ संचाक अमित कुमार के नेतृत्व में दिल्ली के प्रगति मैदान में हर वर्ष लोहाघाट ग्रोथ सेंटर में तैयार बर्तनों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इस बार लगी प्रदर्शनी में भी बर्तन खरीदने के लिए काफी भीड़ रही। ग्रोथ सेंटर में स्थानीय लौह कारीगारों को रोजगार मिल रहा है। यहां राइकोट गांव की महिलाओं सहित 30 से अधिक कारीगर लोहे के विभिन्न प्रकार के बर्तन एवं कृषि यंत्र तैयार कर रहे हैं। ग्रोथ संचालक अमित कुमार ने बताया कि कुछ लोग उनकी सफलता से काफी अधिक परेशान हैं। वे चाहते हैं कि ग्रोथ सेंटर बंद हो जाए और यहां कार्यरत करीगरों का धंधा चौपट हो जाए। इनमें उनके गांव की एक महिला भी शामिल है, जो शासन प्रशासन से उनके विरूद्ध अनर्गल शिकायत कर उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रही है। अमित ने बताया कि ग्रोथ सेंटर के संचालन में प्रशासन का उन्हें लगातार सहयोग मिल रहा है। लेकिन कुछ शरारती लोगों द्वारा उनके कार्य में बाधा डालने के लगातार प्रयास किए जाने से न केवल वे बल्कि ग्रोथ सेंटर में कार्य कर अपनी आजीविका चला रहे कारीगरों का भी उत्साह फीका पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे लोगों के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रोथ सेेंटर में कार्यरत महिला कारीगरों का कहना है कि सरकार स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार पैदा करने और लघु एवं कुटीर उद्योगोंं को बढ़ावा देने की बात कर रही है, लेकिन कुछ लोग स्थानीय उद्यमियों की आगे बढ़ने की ललक को फीका करने पर तुले हुए हैं।

Jaya punetha editor in chief ।

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