*अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित*।

चंपावत 30 अक्टूबर 2025

*अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित*

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम-1989 के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के उद्देश्य से गुरुवार को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में अधिनियम के उद्देश्यों की पूर्ति तथा पीड़ितों को त्वरित राहत सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बैठक में बताया कि अधिनियम का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के विरुद्ध होने वाले अत्याचारों को रोकना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना, कानूनी उपाय और न्याय प्रदान करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से न केवल अपराधों की रोकथाम होती है, बल्कि पीड़ितों को राहत और पुनर्वास प्रदान कर समानता और सामाजिक न्याय को भी बढ़ावा मिलता है।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि वे सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी एससी/एसटी समुदायों के नागरिक को अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के क्षेत्रों में विशेष शिविरों का आयोजन कर उनकी मूलभूत समस्याओं का त्वरित समाधान करने को कहा। इसके अतिरिक्त, यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव न हो और उनके अधिकारों का हनन न हो पाए।

बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी, श्री आर.एस. सामंत ने अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले वर्षों में जनपद में इस अधिनियम के अंतर्गत मामले दर्ज हुए हैं:

वर्ष 2021 से 2023 तक प्रतिवर्ष 03-03 मामले दर्ज किए गए।

वर्ष 2024-25 में 02 मामले, तथा

वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 01 मामला दर्ज हुआ है।

श्री सामंत ने बताया कि इन सभी दर्ज मामलों में पीड़ितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता स्वीकृत राशि का भुगतान कर दिया गया है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी तनुजा वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।

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