मानेश्वर समाचार।
23 अगस्त 2025
शहिद नंदन सिंह की शहादत की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर उनका किया गया भावपूर्ण स्मरण।
आईटीबीपी के अधिकारियो ने शहिद के परिजनो से भेंट कर उन्हें दी बटालियन की ओर से भेंट। परिजनों का किया गया सम्मान।
देवीधुरा। बाराही धाम में आईटीबीपी के बहादुर जवान नंदन सिंह की तीसरी शहादत वर्ष के अवसर पर उनका भावपूर्ण एवं श्रद्धा के साथ स्मरण किया गया।आईटीबीपी की पांचवीं बटालियन में कार्यरत नंदन ने आज ही के दिन देश के लिए अपनी शहादत दी थी। देवीधुरा के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित समारोह में सभी लोगों ने शहिद को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके नाम का जयकारा लगाया। आईटीबीपी की 36वीं वाहिनी की ओर से कमांडेंट संजय कुमार, सहायक सेनानी प्रिंस दत्ता, सहायक सेनानी अंकुर, एएसआई गुलाब सिंह के अलावा हिमवीरों ने शहिद के स्मारक में पुष्पांजलि अर्पित करते हुए सलामी दी।इस अवसर पर आचार्य कीर्ति शास्त्री, जीआईसी की प्रधानाचार्या भावना आर्या, पीएलबी केसर सिंह फर्त्याल, रिटायर्ड दारोगा नर राम, बीडीसी सदस्य प्रकाश मेहरा, ग्राम प्रधान तारा सिंह चम्याल, नवीन रावत, आदि ने शहिद को अपनी श्रद्धांजलि दी। सभी लोगों ने शहीद की संगमरमर की मूर्ति लगाने की मांग करते हुए आगामी वर्ष से यहां शाहिद की स्मृति में मेला आयोजित करने की भी बात रखी।इस अवसर पर शहीद के पिता लाल सिंह चम्याल,माता कलावती देवी, शहिद की वीरांगना निर्मला चम्याल,बेटा पवन चम्याल, अनुज, त्रिभुवन चम्याल के प्रति आईटीबीपी के अधिकारियो व जवानों ने सम्मान प्रकट किया। वक्ताओं का कहना था कि मृत्यु जीवन का एक शाश्वत सत्य है, लेकिन जो लोग राष्ट्र के लिए अपना जीवन सौंपते हैं, उससे बड़ा भाग्यशाली दूसरा कोई नहीं हो सकता। शहीद नंदन का पुत्र चेतन अपने पिता के सपनो को पूरा करने के लिए दो साल पूर्व आईटीबीपी में भर्ती हो गया था।
Jaya punetha editor in chief ।



