मानेश्वर समाचार।
1 अगस्त 2025
मॉडल जिले में प्रशासनिक “तिगड़ी” की नई सोच से पंचायती चुनाव की वोटिंग से लेकर मतगणना तक का कार्य खेल-खेल में ही गया निपट।
मतदान कर्मियों को पहली बार ऐसा बेहतरीन प्रशिक्षण दिया गया था कि नहीं आई कोई रिकाउंटिंग, विवाद एवं अविश्वास की नौबत। चंपावत।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मॉडल जिले में इस दफा डीएम, एसपी एवं सीडीओ की “तिगड़ी” ने पंचायती चुनाव को ऐसे मॉडल तरीके से संपन्न कराया कि कहीं भी कोई विवाद, प्रक्रिया पर अविश्वास, पक्षपात की शिकायत नहीं आई। मतदान से जुड़े 2700 कर्मियों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से खेल-खेल में ही पूरा चुनाव सबसे पहले निपटा दिया। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अपनी ‘क्विक एक्शन’ की कार्य संस्कृति के अनुसार हर जगह उनकी तथा सीडीओ डॉ खाती की उपस्थिति से मतदान कर्मियों के हर कार्य में तेजी आती गई। इस दफा पहली बार सुबह 11 बजे मतदान पार्टियों को रवाना कर दिया गया था। 5 बजे तक पार्टियां अपने गंतव्य में पहुंच गई थी। इस चुनाव में पहली बार बैलेट बॉक्स जमा करने में कार्मिकों को मात्र 10 मिनट का समय लगा, जबकि इससे पूर्व तक मतदान कर्मियों को रातभर वहां खड़े रहना पड़ता था। इसी प्रकार मतगणना का कार्य भी सबसे जल्दी निपटाया गया। सबसे बड़े ब्लॉक चंपावत में भी यह कार्य 7:30 बजे तक निपट गया था। पहली बार कलेक्ट्रेट एवं विकास भवन के कार्मिकों की भी चुनाव में ड्यूटी लगाई गई थी। मौसम की नजाकत को देखते हुए बैलट बक्सों को तीन लेयर की सुरक्षा दी गई थी। मतदान पार्टियों को नदी पार कराने के लिए एनडीआरएफ के लोग पहले से ही मौजूद थे। आने-जाने में वर्षा होने पर रेनकोट, टॉर्च आदि की सुविधाएं दी गई थी। जहां बिजली नहीं थी वहां सोलर लाइट की व्यवस्था की गई थी।
महिला कार्मिकों को नजदीकी सुविधाजनक स्थानों में तैनात किया गया था, जहां उनकी सुविधा व सुरक्षा का पूरा इंतजाम था। जिलाधिकारी द्वारा हर स्थान में अपनी उपस्थिति देने से मतगणना के परिणाम प्रत्याशियों को तेजी से मिल रहे थे। काउंटिंग के बाद जैसे ही चक्र पूरा हो रहा था उसी के साथ बक्से ट्रेज़री में जमा करने के लिए सील किए जा रहे थे। जिलाधिकारी ने पहले ही मतदान कर्मियों को शराब पीने, पिलाने एवं मतदान से पूर्व किसी शराब पार्टी में भाग लेने की सख्त लहजे में चेतावनी दी थी, जिसमें इनका इकबाल ऐसा काम आया कि कहीं से भी ऐसी शिकायत नहीं आई। मतदान कर्मियों को इतनी परिपक्वता के साथ ट्रेनिंग दी गई थी कि उसमें गलतियों के लिए कहीं कोई गुंजाइश नहीं थी। चुनाव प्रक्रिया में सीडीओ डॉ जी एस खाती का लंबा अनुभव बड़ा काम आया, जिसने पूरी प्रक्रिया को ही सरल बना दिया। मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण देने में शिक्षक प्रकाश चंद्र उपाध्याय की ऐसी भूमिका रही कि वह सभी कार्मिकों की शंकाओं का त्वरित निदान करने के साथ ही हर वक्त ऑनलाइन तरीके से कार्मिकों का कार्य आसान करते रहे। एसपी अजय गणपति के नेतृत्व में पुलिस व्यवस्था ऐसी चौकस्त थी कि कहीं न तो चुनावी हिंसा हुई और न ही जनता एवं पुलिस के बीच कोई विवाद हुआ। मतगणना स्थलों में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सबसे बड़ी बात यह थी की पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मियों को हर जगह शालीनता के व्यवहार का परिचय देने के संस्कार दिए गए थे।
Jaya punetha editor in chief ।



