मानेश्वर समाचार।
30 जून 2025
*मॉक अभ्यास*
*जनपद में मॉक ड्रिल के माध्यम से बाढ़ और जलभराव की आपदा से निपटने की तैयारियों का किया गया अभ्यास*
प्रातः 9:15 बजे प्रारंभ हुई मॉक ड्रिल में जनपद चंपावत के पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा के कारण तहसील पूर्णागिरि (टनकपुर) अंतर्गत बांटनागाड़ नाला, थवालखेड़ा, छीनीगोठ, ग्राम देवीपुरा, बनबसा तथा चंदनी (आनंदपुर) क्षेत्रों में अचानक जल स्तर बढ़ने और सूखे नालों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की परिकल्पना की गई।
आपदा की सूचना मिलते ही जिला आपदा नियंत्रण कक्ष, चंपावत और तहसील स्तरीय IRS प्रणाली सक्रिय हो गई। जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, श्री मनीष कुमार द्वारा जिला नियंत्रण कक्ष से सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों की योजना तैयार कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
टनकपुर तहसील कार्यालय में स्टेजिंग एरिया स्थापित कर विभिन्न रेस्क्यू टीमों को रवाना किया गया।
1. बांटनागाड़, राज्यमार्ग-108 (ककरालीगेट-ठुलीगाड़-भैरव मंदिर मार्ग): अतिवृष्टि से मलबा एवं बोल्डर आने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे 100 से अधिक श्रद्धालु पूर्णागिरि की ओर फंस गए।
राजस्व, पुलिस, एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग द्वारा समन्वित रेस्क्यू कर श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्ग से सुरक्षित निकाला गया तथा भोजन-पेयजल की व्यवस्था की गई।
2. ग्राम थवालखेड़ा (किरोड़ा नाला):
भूस्खलन एवं जलस्तर बढ़ने से 10-15 परिवार खतरे में आए। त्वरित रेस्क्यू कर प्रभावितों को राजकीय महाविद्यालय, टनकपुर में राहत शिविर में शिफ्ट किया गया।
3. ग्राम छीनीगोठ (हड्डी नदी):
नदी में बाढ़ आने से 20 परिवार फंसे, जिन्हें राजस्व, एसडीआरएफ एवं पुलिस विभाग द्वारा रेस्क्यू कर एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान टनकपुर में स्थापित राहत शिविर लाया गया।
4. ग्राम देवीपुरा: भारी जलभराव और मगरमच्छ की उपस्थिति के बीच 20-25 परिवार प्रभावित हुए। पुलिस और एसडीआरएफ द्वारा राफ्ट्स के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया तथा राजकीय महाविद्यालय, बनबसा में राहत शिविर में पहुंचाया गया।
5. ग्राम चंदनी, आनंदपुर: हुड्डी नदी में जलभराव और जंगली हाथी की आशंका के कारण 20-25 परिवार प्रभावित हुए। राफ्ट्स के माध्यम से एसडीआरएफ और पुलिस टीमों ने बचाव कर सभी को राजकीय महाविद्यालय, बनबसा पहुंचाया।
सभी प्रभावितों को प्राथमिक उपचार, भोजन एवं पेयजल उपलब्ध कराया गया। घटना में जनहानि शून्य रही। समस्त विभागों द्वारा आपदा प्रबंधन की प्रक्रिया, समन्वय, संचार एवं बचाव कार्यों का सफल अभ्यास किया गया।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा- “जनपद चंपावत भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील है, विशेषकर बरसात के मौसम में अचानक जलभराव और भूस्खलन जैसी आपदाएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई है, जिससे सभी संबंधित विभागों की तैयारियों का परीक्षण किया जा सके। हमारा उद्देश्य है कि किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया दी जा सके। सभी रेस्क्यू टीमें, राहत शिविर, चिकित्सा, पेयजल एवं संचार व्यवस्था के लिए प्रशासन सतर्क और पूर्ण रूप से तैयार है।”
इस मॉक अभ्यास में पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा, उप जिलाधिकारी टनकपुर आकाश जोशी (वीसी के माध्यम से), पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवराज सिंह राणा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एमसी पलाडिया, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इंद्रजीत पांडे, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ वसुंधरा गर्ब्याल, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस बृजवाल, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी यसवंत खड़ायत सहित तहसील टनकपुर से अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे तथा मॉक अभ्यास में राजस्व विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ, जल पुलिस के जवान, चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी कार्मिक मौके पर मौजूद रहे।




