*आईटीबीपी और पशुपालन विभाग के एमओयू से सीमांत पशुपालकों की आय में वृद्धि, चंपावत के पाली ग्राम में स्वास्थ्य शिविर आयोजित*।

चंपावत 08 अप्रैल 2026

*आईटीबीपी और पशुपालन विभाग के एमओयू से सीमांत पशुपालकों की आय में वृद्धि, चंपावत के पाली ग्राम में स्वास्थ्य शिविर आयोजित*

भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और पशुपालन विभाग उत्तराखंड के बीच हुए समझौते के सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं। इसी क्रम में स्थानीय पशुपालकों द्वारा 799 किलो जिंदा बकरी की आपूर्ति 36 बटालियन आईटीबीपी लोहाघाट को की गई। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशन में और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल के नेतृत्व में इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष सावधानी बरती गई। सप्लाई की निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु आईटीबीपी के अधिकारी, लाइन कमेटी मेंबर्स, विजिलेंस टीम और पशुपालन विभाग के विशेषज्ञ मौके पर मौजूद रहे। इस आपूर्ति के माध्यम से सीमांत क्षेत्र के पशुपालकों को कुल 2,39,700 रुपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई है, जो क्षेत्र में स्वरोजगार और आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इसी कड़ी में राजकीय पशु चिकित्सालय सिप्टी द्वारा चंपावत ब्लॉक के ग्राम पाली में एक दिवसीय पशु चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर के दौरान विभाग द्वारा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए पशुपालकों को उन्नत पशुपालन के वैज्ञानिक तरीके सिखाए गए। क्षेत्र के पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग का टीकाकरण भी किया गया। शिविर में कुल 36 बीमार पशुओं का निःशुल्क उपचार किया गया। इस जनहितैषी कार्यक्रम में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नेहा बठला, वैक्सीनेटर रेखा पाण्डे और ए-हेल्प कार्यकर्ती शोभा देवी ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग करते हुए ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया।

Jaya punetha editor in chief ।

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