चम्पावत 23 जनवरी 2026
*गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना की प्रगति की समीक्षा, भूमि हस्तांतरण में तेजी लाने के निर्देश*
*धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान देगा गोल्ज्यू कॉरिडोर, समीक्षा बैठक*
जनपद चम्पावत में प्रस्तावित गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना के प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में परियोजना से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के दृष्टिगत भूमि हस्तांतरण (लैंड ट्रांसफर) की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई।
बैठक में अवगत कराया गया कि गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत अब तक पशुपालन विभाग को 9 नाली, लोक निर्माण विभाग को 12 नाली तथा शहरी विकास विभाग को 17 नाली भूमि हस्तांतरित की जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग, वन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के लिए लंबित भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय एवं समन्वित कार्यप्रणाली के साथ कार्य करते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करें, जिससे परियोजना कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों से भूमि से संबंधित आवश्यक एनओसी (NOC) तत्काल प्राप्त करना सुनिश्चित करें, ताकि गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना से जुड़े निर्माण एवं विकास कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सकें।
बैठक में गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्यों पर भी गहन चर्चा की गई। अवगत कराया गया कि
लगभग ₹213 करोड़ की लागत से गौरल चौड़ मैदान का स्टेडियम के रूप में विकास, ₹59.77 करोड़ की लागत से गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर का निर्माण, तथा ₹37.24 करोड़ की लागत से ओपन एयर थिएटर सहित अन्य बहुउद्देश्यीय योजनाएं प्रस्तावित हैं।
इन परियोजनाओं के माध्यम से जनपद में खेल, संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना जनपद की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूर्ण होने से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे चम्पावत की पहचान धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ होगी।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि परियोजना से जुड़ी सभी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी, ईई लोनिवि मोहन पलड़िया, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वसुंधरा गर्ब्याल सहित अन्य अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।
Jaya punetha editor in chief ।



