संपादक – जया पुनेठा
आदर्श राज्य बनने की तरफ अग्रसर उत्तराखंड। =====.==============9नवम्बर 2000 को उत्तरांचल नाम से राज्य का गठन हुआ जिसका नाम बाद में बदल कर उत्तराखंड कर दिया गया। राज्य गठन के बाद कई मुख्यमंत्री आए एवं सब ने कुछ न कुछ अच्छा योगदान दिया। माननीय पुष्कर सिंह धामी जी के मुख्यमंत्री बनते ही प्रत्येक क्षेत्र में द्रुत गति से उत्तराखंड में विकास होना शुरू हो गया। कुर्सी पर बैठते ही इनके प्रयास से कुमाऊं गढ़वाल की खाई पट गई। जन भावनाओं का आदर करते हुए धामी जी के अथक प्रयास से चन्द्र नगर गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी बना दिया गया। केंद्र सरकार की सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में धामी जी का अतुलनीय योगदान रहा। शिक्षा के क्षेत्र प्राथमिक,माध्यमिक,उच्च शिक्षा,तकनीकी शिक्षा पॉलीटेक्निक भवन निर्माण एवम फैकल्टी गुणवत्ता में अनवरत विकास की गाथा लिखी गई।कृषि विविधीकरण एवं उद्यानिकी में प्रत्यक्ष वृद्धि के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय से सहयोग लेकर किसानों को बहुत लाभ पहुंचाया। केंद्र से भरपूर सहयोग लेने के लिए देहरादून से दिल्ली अनवरत भागदौड़ करते रहे। चाय बागान, मौन पालन,मत्स्यपालन,कुक्कुटपालन, सगन्ध एवं आयुर्वेदिक जड़ीबूटियां की खेती को प्रोत्साहन दे कर किसानों को फायदा पहुंचाया।बढ़ते अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने में पूरे मनोयोग तथा साहस का परिचय देकर एक कुशल राजनीतिज्ञ का परिचय दिया। आप के कुशल नेतृत्व में न केवल चहुंमुखी विकास हुआ बल्कि प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।शासन प्रशासन में अभूतपूर्व प्रगति भी हुई। प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद चार धाम यात्रा की उचित व्यवस्था के कारण पर्यटकों की वृद्धि से राज्य की आमदनी भी बढ़ी।नई शिक्षा नीति एवम समान नागरिक संहिता पालन करने मैं उत्तराखंड का देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। जन भावनाओं के अनुरूप भूमि सुधार कानून को लागू करवाया।अनेकानेक कार्यों को सफलता पूर्वक संपादित करने एवं स्थिर शासन प्रदान करने के हमारे विजनरी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने कई बार आप की पीठ थपथपाकर प्रशंसा भी किया।आप को लेकर युवाओं में बड़ा उत्साह है।खेल कूद की अनेक प्रति योगिता जैसे 44th उत्तरी क्षेत्र शूटिंग प्रतियोगिता, 38 th राष्ट्रीय खेल आदि का राज्य में आयोजन कराकर राज्य नाम बढ़ाया। नकल विरोधी कानून एवं दंगा विरोधी कानून लाकर कानून व्यवस्था दुरुस्त किया। उत्तराखंड को फिल्म डेस्टिनेशन तथा पर्यटन हब बनाने की योजनाओं पर जोर दिया जिससे स्थानीय लोगों को अवसर मिल सकें।साहसिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन दिया गया। प्रदेश की आम जनता धामी जी के कार्यों से संतुष्ट है तथा चाहती है कि वे आजीवन प्रदेश एवं देश के विकास में अपना अग्रणी योगदान देते रहे।
Jaya punetha editor in chief ।




