चंपावत 18 जून 2026
*पाटी में (SARRA) के तहत जल संरक्षण जागरूकता गोष्ठी आयोजित; पारंपरिक नौलों-धारों को बचाने के लिए ‘भागीरथ ऐप’ और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान*
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के दिशा-निर्देशानुसार विकास खंड पाटी के सभागार में स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (SARRA) द्वारा जल संरक्षण अभियान-2026 के अंतर्गत एक दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण एवं विचार गोष्ठी का अत्यंत सफल आयोजन किया गया।
सहायक खंड विकास अधिकारी श्री जगदीश कार्की की अध्यक्षता में आयोजित इस गोष्ठी का उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार और वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करना है। कार्यशाला का कुशल संचालन करते हुए ‘सर्रा’ के सोशल कोऑर्डिनेटर श्री हरीश चंद्र भट्ट ने उपस्थित विकास खंड स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों, क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों और ग्रामीण जनता को जल संरक्षण की महत्ता से विस्तार से अवगत कराया।
उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए प्राकृतिक नौलों व धारों को पुनर्जीवित करने तथा उनके जल स्तर (डिस्चार्ज) को बढ़ाने के लिए सभी को प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण अनुकूल तकनीकों पर जोर देते हुए पारंपरिक नौलों के जीर्णोद्धार में सीमेंट-कंक्रीट का प्रयोग न करने की महत्वपूर्ण सलाह दी, ताकि नौलों की प्राकृतिक संरचना में पानी का रिसाव और निरंतरता बनी रहे।
इस एक दिवसीय जागरूकता गोष्ठी के दौरान विषय विशेषज्ञों ने उपस्थित प्रतिभागियों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक जल स्रोतों के आस-पास स्वच्छता बनाए रखने तथा प्लास्टिक कचरे के सही निस्तारण हेतु कूड़ेदान का अनिवार्य प्रयोग करने की विस्तृत जानकारी दी।
इसके अतिरिक्त, जल स्रोतों की सटीक मैपिंग और उनके संरक्षण की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए सभी ग्रामीणों व जन प्रतिनिधियों से डिजिटल माध्यम के रूप में ‘भागीरथ ऐप’ को अपनाने का विशेष आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों से जल संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव आमंत्रित किए गए और उनके बहुमूल्य विचारों को सुना गया, ताकि स्थानीय स्तर पर इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके।
इसी क्रम में सहायक खंड विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में वर्तमान सरकार की इस महत्वाकांक्षी (SARRA) योजना के तहत तैयार किए गए ‘स्प्रिंगशेड मैनेजमेंट प्लान’ की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने सभी विभागों और आम नागरिकों से मिलकर अपने पारंपरिक जल स्रोतों जैसे धारा और नौला को संरक्षित करने के लिए धरातल पर एक व्यापक अभियान चलाने की अपील की।
इस कार्यशाला में डी.पी.ओ. श्री अमित पाण्डेय, ए.डी.ओ. पंचायत श्री राकेश नाथ गोस्वामी, आर.एफ.सी. एन.आर.एल.एम. श्री चंद्र शेखर भट्ट, चलथिया के ग्राम प्रधान श्री भगवान सिंह, रमक से श्री बसंत बल्लभ सहित समस्त विकास खंड स्तरीय अधिकारी, क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि, स्थानीय ग्रामीण, एन.आर.एल.एम. बैंक सखी, कृषक और जनपद की ‘सर्रा’ तकनीकी टीम के सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
Jaya punetha editor in chief ।




