वन वे ट्रैफिक व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस जनों में उबाल।

वन वे ट्रैफिक व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस जनों में उबाल।

विधायक खुशाल सिंह अधिकारी सड़क पर उतरे, पुलिस प्रशासन को चेतावनी—जनता का अहित बर्दाश्त नहीं।

लोहाघाट। नगर में लागू की गई अव्यवहारिक वन वे ट्रैफिक व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस ने खुला मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेसी विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मीना बाजार चौराहे पर धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि वन वे ट्रैफिक व्यवस्था ने व्यापार चौपट कर दिया है और आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस लोहाघाट की जनता के साथ अन्याय नहीं होने देगी, चाहे इसके लिए सड़क से सदन तक संघर्ष क्यों न करना पड़े।

विधायक ने पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि नगर क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े आड़े-तिरछे वाहनों को हटाने की जिम्मेदारी निभाने में पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे वाहनों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि अव्यवहारिक वन वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर आम नागरिकों और व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि यदि वास्तव में यातायात सुधार की मंशा है तो पहले अवैध व तिरछी पार्किंग पर सख्ती की जाए। धरने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भगीरथ भट्ट, भुवन चौबे, बल्लू मेहरा, जित्तू शाह, चांद बोहरा, हरीश जोशी और प्रकाश मेहरा भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में वन वे ट्रैफिक व्यवस्था को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल समाप्त करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि यह फैसला बिना जनसंवाद के थोपा गया है, जिससे लोहाघाट के बाजारों की रौनक खत्म हो रही है और छोटे व्यापारियों की आजीविका संकट में है। विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वन वे ट्रैफिक व्यवस्था को शीघ्र बंद नहीं किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे नगर में चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक जनता को राहत नहीं मिलती। धरने के दौरान मीना बाजार चौराहा कांग्रेस के नारों से गूंजता रहा और माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ नजर आया।

एसपी से हुई फोन वार्ता के बाद धरना हुआ समाप्त।

लोहाघाट। विधायक श्री अधिकारी की इस मुद्दे को लेकर एसपी अजय गणपति से हुई फोन वार्ता के बाद हालांकि धरना समाप्त हो गया है। एसपी ने कहा कि यह निर्णय थोपा नहीं गया है बल्कि नगर के सड़क सम्पर्क मार्ग में लग रहे जाम व यातायात बाधित होने की स्थिति को देखते हुए नागरिक क्षेत्र से ही यह प्रस्ताव आया था कि वर्ष 2021-22 में कुछ माहों तक तत्कालीन एसडीएम जो वर्तमान में जिले के एडीएम केएन गोस्वामी द्वारा इस व्यवस्था को संचालित किया गया था। उसका मैंने स्वयं नगर क्षेत्र का भ्रमण कर परिस्थितयों का जायजा लिया तथा 18 से 31 दिसंबर तक ट्रायल के आधार पर वन वे ट्रैफिक व्यवस्था शुरू की गई है। इसके बाद नगर क्षेत्र के लोगों से ही संवाद कर यह तय किया जाएगा की पर्यटन के बैस कैंप के रूप में उभर रहे लोहाघाट नगर में लोग कैसी ट्रैफिक व्यवस्था पर्यटकों व लोगों को देना चाहेंगे ? इस पर सभी से पुलिस संवाद करेंगी। पुलिस प्रशासन का इरादा व्यापारियों के अहित का नहीं बल्कि ऐसी ट्रैफिक व्यवस्था देने का है जिससे व्यापारियों का करोबार फल फूलनें के साथ नगर में आने वाले हर व्यक्ति को उसका अच्छा ऐहसास हो सकें ।

Jaya punetha editor in chief ।

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