23 अगस्त से सजेगा माँ वाराही धाम देवीधुरा का ऐतिहासिक बग्वाल मेला।
28 अगस्त को होगी विश्वप्रसिद्ध पाषाण युद्ध ‘बग्वाल’, 13 दिवसीय मेले को भव्य बनाने के लिए जिला पंचायत और मंदिर ट्रस्ट ने बनाई रणनीति।
लोहाघाट। परमाणु युग में भी अपनी अनूठी परंपरा और पाषाण युद्ध (बग्वाल) के लिए विश्वविख्यात माँ वाराही धाम देवीधुरा का ऐतिहासिक बग्वाल मेला इस वर्ष 23 अगस्त से 4 सितंबर तक आयोजित होगा। 13 दिनों तक चलने वाले इस मेले का मुख्य आकर्षण सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार 28 अगस्त को आयोजित होने वाली बग्वाल होगी, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक देवीधुरा पहुंचते हैं।
मेले की तैयारियों को लेकर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अनिल जोशी की मौजूदगी में श्री वाराही मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले को अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने माना कि उत्तर भारत की विशिष्ट सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान बन चुके इस मेले में हर वर्ष बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए नागरिक सुविधाओं का विस्तार समय की आवश्यकता है।
बैठक में तय किया गया कि लगभग 7 किलोमीटर के मेला क्षेत्र में पेयजल, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, यातायात, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। पूरे मेला क्षेत्र को विद्युत रोशनी से जगमग किया जाएगा तथा बाजार क्षेत्र में नैनीताल बैंक से होलीखंड डुबा चौक तक नालियों के ऊपर स्थायी लोहे के पटल लगाए जाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी दुकान नालियों के ऊपर या बाहर अतिक्रमण न करे।
इस वर्ष माँ वाराही मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया जाएगा, मंदिर परिसर को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त रखा जाएगा तथा पॉलीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले कलाकारों के भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं का दायित्व जिला पंचायत वहन करेगी। साथ ही देवीधुरा को जोड़ने वाले सभी संपर्क मार्गों की मरम्मत और झाड़ियों की सफाई भी मेले से पहले पूरी की जाएगी। अपर मुख्य अधिकारी अनिल जोशी ने कहा कि यह मेला उत्तराखंड की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत है और जिला पंचायत इसे और अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी। वहीं, श्री वाराही मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं रेलवे कॉरिडोर के पूर्व महानिदेशक हीरा बल्लभ जोशी ने संदेश के माध्यम से कहा कि ट्रस्ट का प्रत्येक कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा और श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
बैठक में मेला संयोजक मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व मंदिर समिति अध्यक्ष खेम सिंह लंगड़िया, हयात सिंह, राजेश बिष्ट, बिशन सिंह चम्याल, विक्रम कठायत, नवीन राणा, एल.डी. जोशी, जगदीश सिंह, राजेंद्र बिष्ट, मोहित सिंघल, महेंद्र लंगड़िया, पवन लंगड़िया, दीपक मुरारी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता मोहन सिंह बिष्ट तथा संचालन विक्रम कठायत ने किया।
Jaya punetha editor in chief ।




