जोड़ मेले में पुलिस ने किए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त।

 मानेश्वर समाचार।

03 जून 2025

श्रीरीठासाहिब के जोड़ मेले में पुलिस ने किए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त।

 

पुलिस की नजरों से बच नहीं सकेंगे अपराधी, सादी वर्दी में भी चप्पे -चप्पे में तैनात होगी पुलिस- पुलिस अधीक्षक

 

चंपावत। मीठे रीठे के चमत्कार के लिए दुनिया में प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्रीरीठासाहिब में होने वाले सालाना जोड़ वाले में पुलिस ने सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए हैं तथा तीर्थ यात्रियों की सुविधा को देखते हुए उनके आने-जाने के लिए भी अलग मार्ग तय किए हैं। यात्रियों की सुरक्षित यात्रा एवं सड़क मार्गो की स्थिति को देखते हुए 32 सीटर से बड़े वाहन लोहाघाट से आगे नहीं जा पाएंगे, जबकि कैंटर व अन्य भारी वाहनों में यात्रा करना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के अनुसार सूखीढांग से रीठासाहिब मार्ग में केवल दोपहिया एवं छोटे चौपाइयां वाहन ही संचालित होंगे। जबकि इस दफा चंपावत-लोहाघाट में पैदा होने वाली यातायात व्यवस्था को देखते हुए ललुआपानी सड़क से शेष वाहन गुजरेंगे जो खेतीखान निकलेंगे। बूदुम एवं खेतीखान में पुलिस चौकी बनाई जा रही है। जबकि सूखीढांग में चेक पोस्ट बनाई गई है। सभी वाहन गुरुद्वारा के नदी पार परेवा (कलोता) स्थल में पार्क करेंगे। रीठासाहिब के स्नान घाट में जल पुलिस व एसडीआरएफ की तैनाती की गई है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करेंगे, जिन्हें क्रेन आदि सभी सुविधाएं दी जा रही है। इस दफा यहाँ पीएसी की भी तैनाती की गई है।

 

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीओ एसएस राणा मेला प्रभारी होंगे,जबकि रीठासाहिब के थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट अपने कार्य के अलावा समन्वय स्थापित करेंगे। इनके अधीन लगभग 150 सभी प्रकार के पुलिस होमगार्ड के अलावा दो प्लाटून पीएसी तैनात की गई है, साथ ही चप्पे-चप्पे में बगैर वर्दी के पुलिस व खुफिया कर्मी स्थिति पर बराबर नजर रखेंगे। हालांकि मेला 9 से 11 जून को होगा लेकिन तीर्थ यात्री भीड़ से बचने के लिए उनका आना पहले से ही शुरू हो गया है। पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस कर्मियों से स्पष्ट कहा है कि वे इस मेले में देश विदेश से आने वाले तीर्थ यात्रियों का अपने मेहमान की तरह स्वागत करते हुए उन्हें उत्तराखंड की बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था का भी एहसास कराये जिससे वे यहाँ की यादों को अपने साथ समेट कर दूसरे तीर्थयात्रियों को भी इस ओर भेजने के लिए प्रेरित कर सके।

Jaya punetha editor in chief संवादाता पूजा भट्ट की रिपोर्ट।

 

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