पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज दिगालीचौड़ में भव्य विज्ञान प्रदर्शनी, नवाचार और वैज्ञानिक सोच का दिखा उत्साह।

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पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज दिगालीचौड़ में भव्य विज्ञान प्रदर्शनी, नवाचार और वैज्ञानिक सोच का दिखा उत्साह।

चंपावत। जनपद के लोहाघाट विकासखंड स्थित सीमांत पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, दिगालीचौड़ बुधवार को विज्ञान और नवाचार के जीवंत संगम का साक्षी बना। विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता एवं प्रायोगिक ज्ञान को बढ़ावा देना रहा। प्रदर्शनी का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सुधाकर जोशी के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “विज्ञान केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि सोचने, समझने और दुनिया को बेहतर बनाने की शक्ति है।” उन्होंने प्रसिद्ध वैज्ञानिक कार्ल सागन के विचारों का उल्लेख करते हुए छात्रों को नवाचार की ओर प्रेरित किया।

इस आयोजन की सफलता में अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन एवं अगस्त्या फाउंडेशन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। एआईएफ के विद्यालय सुगमकर्ता ललित कुमार ने विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट निर्माण में मार्गदर्शन प्रदान किया। वहीं अगस्त्या फाउंडेशन से ललित जुकरिया एवं शिवांगी पांडे ने रोचक एवं ज्ञानवर्धक विज्ञान गतिविधियों व प्रयोगों के माध्यम से छात्रों को सीखने का अवसर दिया।

विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने सीनियर एवं जूनियर वर्ग में अपने रचनात्मक और उपयोगी मॉडल प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक बृजेश ढेक द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में सुशील कुमार जोशी, अनीता कुंवर एवं नेहा शर्मा शामिल रहे, जिन्होंने मॉडलों का गहन एवं निष्पक्ष मूल्यांकन किया। परिणामों में, सीनियर वर्ग में सूरज कुंवर, जीवन एवं मोहित लाल, जबकि जूनियर वर्ग में दीपिका, अंकिता एवं अंजली ने प्रथम तीन स्थान प्राप्त किए। सभी स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को प्रधानाचार्य डॉ. सुधाकर जोशी द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी के आयोजन में शिक्षक दीपा बोहरा, ललिता वर्मा, कंचना आर्य, गायत्री जोशी, सुरेन्द्रजीत कौर, अदिति जोशी, नवीन भट्ट, जगदीश जोशी, कमलेश जोशी, भुवन अधिकारी, नीरज नाथ, अनुराग लेखक, राहुल पाटनी, खिलानंद खोलिया सहित अन्य शिक्षकों का सराहनीय सहयोग रहा। कुल मिलाकर, यह विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक अनुभव सिद्ध हुई, जिसने उनमें भविष्य में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान और नवाचार के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।

Jaya punetha editor in chief ।