मुख्यमंत्री से मिलकर प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ के धाम के मंहत रामनाथ जी महराज ने उन्हें उणाया “सर्व रक्षा कवच” एवं दिया अखण्ड धुनी का प्रसाद।

मानेश्वर समाचार।

5 सितम्बर 2025

मुख्यमंत्री से मिलकर प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ के धाम के मंहत रामनाथ जी महराज ने उन्हें उणाया “सर्व रक्षा कवच” एवं दिया अखण्ड धुनी का प्रसाद।

मॉडल जिले के कण-कण में दर्शन होते हैं भगवान महादेव के। इन्हें विकसित कर देश के लोगों का इस ओर किया जाएगा रुख – मुख्यमंत्री

चंपावत। विश्व प्रसिद्ध अनादि काल से जल रहे अखण्ड धुना गुरु गोरखनाथ समेत यहां के कण कण में विद्यमान भगवान शंकर के मंदिरों की ओर देश के पर्यटकों, धार्मिक पर्यटकों का इस ओर रुख कर एक नियोजित विकास की ओर हमारे कदम बढ़ रहे हैं। जब तक हमारा संकल्प पूरा नहीं होता है तब तक हम प्राचीन मंदिरों, मठों व धरोहरों का पुरातन स्वरूप यथावत रखते हुए उनकी भव्यता व दिव्यता के लिए कार्य करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु गोरखनाथ धाम के मंहत योगी रामनाथ जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए कही। योगी जी ने धाम की ओर से मुख्यमंत्री को “सर्व रक्षा कवच” उढाते हुए उन्हें यहां की अखंड धुना की विभूति का प्रसाद भी दिया। कहां सनातन, प्रकृति, संस्कृति व संस्कृत की रक्षा एवं मूल्यों का संवर्धन करने का जो प्रयास किया जा रहा है, इन्हीं कार्यों के लिए आशुतोष भगवान महादेव ने आपको निमित्त बनाया है।

योगी रामनाथ जी ने उ० प्र० के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज के यहां आने के द्वार खोलने तथा उनकी इच्छा की पूर्ति के लिए गुरु गोरखनाथ मंदिर परिसर में हेलीपोट स्थापित करने, मंदिर में बड़ी धर्मशाला का निर्माण समेत कई बातों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया गया। उनका कहना था कि प्रकृति ने गुरु गोरखनाथ जी को ऐसे स्थान में धाम स्थापित करने की प्रेरणा दी थी जहां आने पर व्यक्ति स्वयं को ईश्वरी सत्ता में अपने को खो देता है। मुख्यमंत्री ने मंहत जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि मेरी राजनैतिक दूसरी पारी की शुरुआत हुई गुरु गोरखनाथ जी के पवित्र स्थल की माटी का तिलक लगाने के साथ ही शुरू हुई है। मैं वहां के मठ मंदिरो एवं तपो भूमि का ऋणी हूं जिन्हें आम लोगों का आशीर्वाद लेकर उन्हें भव्य व दिव्य बनाकर चुकाऊंगा। महंत रामनाथ जी के साथ गए तल्ला देश के प्रमुख नागरिक दिलीप सिंह महर, निर्मल सिंह, धर्मानंद भट्ट, अमन सिंह ने भी स्वागत किया तथा उनके द्वारा धर्म रक्षा तथा जनहित में किए जा रहे कार्यों के लिए बधाई दी।

Jaya punetha editor in chief ।

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