कालेशन मंदिर: आस्था, शक्ति और लोकविश्वास का अद्भुत संगम। कनेडी गांव की पहाड़ी पर विराजमान हैं कालेशन महाराज और मां ललिता देवी, आषाढ़ शुक्ल अष्टमी को लगता है विशाल मेला।

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कालेशन मंदिर: आस्था, शक्ति और लोकविश्वास का अद्भुत संगम। कनेडी गांव की पहाड़ी पर विराजमान हैं कालेशन महाराज और मां ललिता देवी, आषाढ़ शुक्ल अष्टमी को लगता है विशाल मेला।

लोहाघाट। चंपावत जनपद के लोहाघाट विकासखंड अंतर्गत कनेडी गांव की पहाड़ी पर स्थित कालेशन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और लोकपरंपराओं का प्रमुख केंद्र है। यहां कालेशन देवता, न्याय के देवता गोरल, मां ललिता देवी, मां कालिका सहित अनेक देवी-देवताओं की पूजा की जाती है।

मान्यता है कि मां ललिता देवी दस महाविद्याओं में तीसरी महाविद्या शोडशी के रूप में यहां विराजमान हैं। वहीं कालेशन देवता को न्यायकारी देवता गोरल के छोटे भाई के रूप में पूजा जाता है। लोककथाओं के अनुसार कालेशन, गोरल और हरुवा देव राजा हालराय और रानी कलिंगा से जुड़े ऐतिहासिक एवं धार्मिक प्रसंगों के प्रमुख पात्र हैं। ग्रामीणों का विश्वास है कि कालेशन महाराज सदियों से क्षेत्र की रक्षा करते आ रहे हैं और संकट के समय अपने भक्तों की सहायता करते हैं। मंदिर में प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल अष्टमी को विशाल मेले और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। आज भी कालेशन मंदिर क्षेत्रवासियों की अटूट श्रद्धा, विश्वास और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बना हुआ है  ।

Jaya punetha editor in chief ।