चम्पावत 19 मार्च 2026
*सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु विभागों को डेटा प्रबंधन, अभिसरण व समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश*
*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में “सतत विकास लक्ष्य, पीएम गतिशक्ति एवं विज़न 2047” पर कार्यशाला आयोजित, जनपद चम्पावत के सतत विकास हेतु समन्वित रणनीति पर जोर*
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में “सतत विकास लक्ष्य (SDGs), पीएम गतिशक्ति एवं विज़न 2047” विषय पर सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेंस, उत्तराखण्ड के विशेषज्ञों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा SDGs के विभिन्न आयामों, इंडिकेटर्स, डेटा प्रबंधन प्रणाली, पीएम गतिशक्ति पोर्टल के प्रभावी उपयोग तथा योजनाओं के अभिसरण (Convergence) पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि जनपद चम्पावत के सतत विकास को सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय, सटीक एवं अद्यतन डेटा का संकलन तथा योजनाओं का परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक विभाग अपने लक्ष्यों के अनुरूप स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करते हुए निर्धारित संकेतकों के आधार पर नियमित प्रगति सुनिश्चित करे।
उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि SDGs से संबंधित सभी संकेतकों का प्रमाणिक एवं अद्यतन डेटा समय-समय पर पोर्टल पर अपलोड किया जाए तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागीय योजनाओं का अभिसरण करते हुए संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।
पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत सभी परियोजनाओं को पोर्टल पर मैप करते हुए उनका समयबद्ध एवं समन्वित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, जिससे अवसंरचना विकास को गति मिल सके।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि जनपद स्तर पर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर लक्षित हस्तक्षेप किए जाएं तथा प्रत्येक विभाग मासिक समीक्षा के माध्यम से अपनी प्रगति का आकलन करते हुए बाधाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी नवाचार एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकाधिक उपयोग करते हुए पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाई जाए।
विज़न 2047 के परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद चम्पावत को एक मॉडल एवं आत्मनिर्भर जनपद के रूप में विकसित करने हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, पर्यटन, आधारभूत संरचना एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक एवं समावेशी योजनाएं तैयार की जाएं। साथ ही ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करते हुए लाभार्थियों का शत-प्रतिशत आच्छादन किया जाए तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए गए।
कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री आनंद अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी एस खाती, जिला विकास अधिकारी श्री दिनेश सिंह डिगारी, सहायक परियोजना निदेशक विम्मी जोशी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी सहित जनपद स्तरीय अधिकारीगण, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि एवं संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।
Jaya punetha editor in chief ।




