आज के समय में घर जाते वक्त ऐसा भावपूर्ण एवं आत्मीय सम्मान तो भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है। 

रिपोर्ट  – गणेश दत्त पाण्डेय  ।

आज के समय में घर जाते वक्त ऐसा भावपूर्ण एवं आत्मीय सम्मान तो भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है।

डीएफओ नवीन चंद्र पंत के साथ कार्य करते उनके अनुभव, ज्ञान मेरे जीवन के लिए कभी न भूलने वाले क्षण थे – जिलाधिकारी

चंपावत। मॉडल जिले में आज ऐसे कर्मठ एवं ईमानदार अधिकारी के सेवानिवृत होने पर हर व्यक्ति की आंखें नम हो आई। विभागीय कर्मचारी हो या जनप्रतिनिधि सबका कहना था कि उत्तराखंड में यदि ऐसे अधिकारी हो तो राज्य की तस्वीर ही बदल जाएगी। मौका था डीएफओ नवीन चंद्र पंत के सेवानिवृत होने पर उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में उनके प्रति जो लोगों ने दिल से सम्मान प्रकट किया, ऐसे कम ही लोग होते हैं जो इस सम्मान के पात्र अपने को बना पाते हैं। मात्र 10 माह के कार्यकाल में श्री पंत ने जंगलों को जलने नहीं दिया बल्कि जंगलों में आग लगने का मुख्य कारक पिरूल को वह आजीविका का साधन बना गए। इस दौरान श्री पंत पर्यटन के क्षेत्र में ऐसी बुनियाद गाड़ गए हैं, जिससे यह जिला आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर अपनी शान और पहचान बनाएगा। श्री पंत ने मौन पालन, अखरोट के उत्पादन एवं अन्य जड़ी बूटी आदि कार्यक्रमों के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर गए। इनके कार्यकाल में कहीं भी जंगलों को नुकसान नहीं पहुंचा ।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए वन एवं पर्यावरण दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने कहा श्री पंत वन विभाग के ऐसे ‘कोहिनूर’ रहे हैं जिनकी प्रशंसा के लिए हमारे पास शब्द नहीं है। मुझे उनके कार्य व्यवहार व दूरगामी सोच को नजदीक से देखने का अवसर मिला था। उन्होंने श्री पंत के दीर्घ जीवन की कामना की। संचालन आनंद गिरि एवं राजेंद्र गहतोड़ी ने किया। नगर पालिका के अध्यक्षा प्रेमा पांडे ने कहा श्री पंत जिले के लिए जो कार्य कर गए हैं, उसके लिए वे सदा याद किए जाते रहेंगे। समारोह में एसीएफ राजकुमार, सुनील कुमार, रेंजर श्याम सिंह करायत, हिमालय सिंह टोलिया, एनडी पांडे, राजेश जोशी, दिनेश जोशी, डीके जोशी, गुलजार हुसैन, एनके पंत, डिपो प्रभारी देवेंद्र खोलिया, जीएल शाह, प्रकाश मेहरा, कुंदन सिंह, जयप्रकाश, सुरेश थ्वाल, मनीषा राय, हर्षवर्धन भोपाल रावत, बलवंत भंडारी, सीएस मेहरा,बीपी जोशी ने विचार रखें। श्री पंत ने उन्हें दिए गए सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 36 साल के सेवा काल में चंपावत में काम करने का उन्हें अस्मरणीय अनुभव रहा है। जहां उन्हें समाज के हर वर्ग के साथ सभी कर्मचारीयो व अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिला। जिसके लिए उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि चंपावत को मॉडल जिला बनने के लिए यहां प्रकृति ने हर दृष्टि से अपनी नियामतें दी हैं। इस अवसर पर श्री पंत की धर्मपत्नी अलका पंत, ओएनजीसी के वैज्ञानिक आशुतोष पंत उनकी धर्मपत्नी शिखा पंत समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे ।

श्री पंत जैसे अधिकारी का मिलना मेरे लिए भाग्य की बात थी- जिलाअधिकारी

चंपावत। जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से डीएफओ श्री पंत को दी गई भावपूर्ण विदाई में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा की श्री पंत जैसे अधिकारी का मिलना उनके लिए भाग्य की बात थी। उन जैसे अधिकारी के साथ कार्य करने, उनके अनुभव, ज्ञान का लाभ मिलना उनके जीवन के लिए कभी ने भूलने वाले क्षण रहे हैं। उन्होंने श्री पंत को ढेर सारी शुभकामनाएं दी ।

Jaya punetha editor in chief ।

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