महोत्सव ग्रामीण लोक कला और लोक संस्कृति को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने के है माध्यम – जिलाधिकारी।
नौगांव रेगडु के दशहरा महोत्सव में पहली बार आए जिलाधिकारी का लोगों ने किया भावपूर्ण स्वागत।
लोहाघाट। महोत्सव हमारे ग्रामीण जनजीवन को संगठित कर एक दूसरे को जोड़ने एवं आंचालिक लोक कला व लोक संस्कृति को जीवंत रखने के साथ प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मंच होते हैं। तथा इन मंचों के माध्यम से लोग अपने पूर्वजों की लोक कला व लोक संस्कृति को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे सौंपते आ रहे हैं। यह बात जिलाधिकारी मनीष कुमार ने नौगांव रेगडु में चल रहे दशहरा महोत्सव में भाग लेकर क्षेत्रीय लोगों से कहीं। इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से शिक्षाविद् बीडी ओली, ज्येष्ठ प्रमुख दरबार सिंह मेहता, कृष्ण मोहन, महेंद्र सिंह मेहता, सुरेश सिंह मेहता, निर्मल मेहता, गणेश सिंह, अमित शाह आदि ने जिलाधिकारी का भाव पूर्ण स्वागत किया।
इस अवसर पर श्री ओली ने नौ गांवों के इस केंद्र बिंदु में लाइब्रेरी (ज्ञान केंद्र) की स्थापना करने, हाईटेक शौचालय एवं 500 मीटर लंबी सड़क मार्ग के निर्माण की मांग की। जिलाधिकारी ने अपने सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा। श्री ओली ने जिलाधिकारी को क्षेत्र के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं शैक्षिक महत्व की जानकारी दी। इसी गांव के डॉ रंजीत मेहता वर्तमान में देश के नामी अर्थशास्त्री एवं पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सीईओ तथा जनरल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं।
जब “क्विक एक्शन” वाले जिलाधिकारी को लोग देखते ही रह गए।
लोहाघाट। “क्विक एक्शन” एवं “क्विक डिसीजन” व क्विक रिस्पांस के अलावा अपनी विशिष्ट कार्य संस्कृति वाले जिलाधिकारी को देखकर लोग तब और प्रभावित हो गए जब उनकी सादगी, लोगों से आत्मियता से मिलने, मृद सरल व्यवहार उन्हें देखने को मिला। जिलाधिकारी ने कहा मैं भी ऐसे ही गांव में पैदा हुआ हूं। गांव के जीवन में रहने का अपना अलग ही आनंद होता है। शहरों में तो हम भीड़ का हिस्सा बन जाते हैं। ऐसी शुद्ध आवो हवा को छोड़कर जो लोग यहां से पलायन कर चुके हैं उन्हें उत्तराखंड के गांवों में आज वह सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं जिनको लेकर वे गांवो से नाता तोड गए हैं ।
Jaya punetha editor in chief ।




