मानेश्वर समाचार ।
2 अगस्त 2025
मॉडल जिले में एक तहसीलदार के भरोसे चल रही है पांच तहसील व दो उपतहसील।
सभी तहसीलों के नायब तहसीलदार ले रहे हैं, साढ़े चार माह का विभागीय प्रशिक्षण।
चंपावत। मॉडल जिले में जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा प्रशासन तंत्र को “क्विक एक्शन क्विक डिसीजन एवं क्विक रिस्पांस” के मोड़ में लाने का धरातल पर इसका प्रभाव दिखाई देने लगा है। लेकिन प्रशासन तंत्र में तहसीलदार एवं एसडीएम की भारी कमी के चलते ” क्विक एक्शन”में अवरोध पैदा हो रहा है। जिले में चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट एवं टनकपुर समेत पांच तहसील एवं पुल्ला व मंच दो तहसील हैं।लेकिन यहां अकेले लोहाघाट के तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी के ऊपर ही सभी तहसीलों का दारोमदार टीका हुआ है। जिला मुख्यालय एवं टनकपुर में यहां के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तहसीलदार का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। जबकि लोहाघाट, पाटी, बराकोट तहसीलों का कार्य श्री नेगी देख रहे हैं। उन्हें प्रत्येक सप्ताह मजिस्ट्रियल कार्यों का निपटारा करने के लिए टनकपुर एवं चंपावत जाना पड़ता है। आम लोगों को दिक्कत ना हो जिला प्रशासन द्वारा श्री नेगी के कार्यों का साप्ताहिक रोस्टर बनाया गया है। जिसमें प्रत्येक सोमवार को टनकपुर, मंगलवार को लोहाघाट, बुधवार को पाटी, गुरुवार को बाराकोट एवं शनिवार को लोहाघाट स्थित राजस्व लॉकअप का कार्य देखा जाता है। यह बात अलग है श्री नेगी अपनी अभूतपूर्व कार्य क्षमता के चलते उन्होंने जोनल मजिस्ट्रेट की हैसियत से पंचायती चुनाव भी निपटारा दिए। किंतु मॉडल जिले में आ रही प्रशासनिक चुस्ती को देखते हुए यहां तहसीलदारों की तात्कालिक नियुक्तियां किया जाना आवश्यक है। जिससे कार्यों को निपटाने में ओर तेजी आयेगी। लोहाघाट जैसे प्रमुख स्थान में पिछले आठ माह से एसडीएम का पद रिक्त है। जिसे पाटी की एसडीएम देख रही है। जिले के सभी नायब तहसीलदार साढ़े चार माह का विभागीय प्रशिक्षण ले रहे हैं।
Jaya punetha editor in chief ।




