चम्पावत में सामूहिक क्लस्टर मॉडल पर अंगूर की खेती को मिलेगा प्रोत्साहन* ।

मानेश्वर समाचार।

चंपावत 20 अगस्त 2025

*चम्पावत में सामूहिक क्लस्टर मॉडल पर अंगूर की खेती को मिलेगा प्रोत्साहन*

*महिलाओं और ग्रामीणों को प्रोत्साहित कर चम्पावत में अंगूर की खेती को बढ़ावा*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने और आजीविका संवर्धन हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशन में जनपद चम्पावत में अंगूर की खेती को बढ़ावा देने की पहल प्रारम्भ की गई है।

इसी क्रम में विकास खण्ड पाटी की तीन ग्राम पंचायतों चौड़ापिता, चौड़ामेहता एवं कुल्यालगांव में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर ग्रामीणों एवं महिलाओं को अंगूर की खेती के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि चम्पावत की जलवायु अंगूर की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है और यदि इसे सामूहिक क्लस्टर मॉडल पर किया जाए तो न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि विपणन की बेहतर संभावनाएं भी विकसित होंगी।

इस दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि अंगूर की खेती एक लाभकारी फसल है, जो किसानों और महिलाओं को अतिरिक्त आय का अवसर प्रदान करेगी। पारंपरिक खेती की तुलना में अंगूर की खेती कम समय और कम क्षेत्र में अधिक लाभ दिला सकती है। यदि इसे सामूहिक क्लस्टर मॉडल पर किया जाए तो किसानों को समूहिक विपणन, भंडारण और प्रसंस्करण की सुविधाएं भी प्राप्त होंगी। साथ ही, अंगूर से बने प्रसंस्कृत उत्पाद जैसे जूस, ड्राई फ्रूट, सिरका आदि आजीविका संवर्धन के नए द्वार खोलेंगे। इससे न केवल महिलाओं और युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे बल्कि उन्हें बाहरी पलायन से भी मुक्ति मिलेगी।

इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर इच्छुक महिलाओं और ग्रामीणों की सूची तैयार करने तथा सामूहिक खेतों का चयन करने के निर्देश दिए गए।

भ्रमण के दौरान खण्ड विकास अधिकारी श्री अवनीश कुमार उपाध्याय ने कहा “चम्पावत में अंगूर की खेती एक नया अवसर है, जिससे किसान व महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकते हैं। यदि सामूहिक रूप से इसे अपनाया जाए तो यह आने वाले समय में जिले के लिए आजीविका का मजबूत आधार बनेगा।”

सहायक खण्ड विकास अधिकारी श्री सुभाष चंद्र लोहनी ने कहा “महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से यह पहल और अधिक सफल होगी। महिलाओं की आय बढ़ेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।”

सहायक विकास अधिकारी (उद्यान) श्री प्रदीप पचौली ने तकनीकी दृष्टिकोण साझा करते हुए बताया “अंगूर की खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी, पौधों की उपलब्धता एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। हमारा प्रयास है कि किसान गुणवत्ता युक्त उत्पादन कर सकें।”

 

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि “मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में चम्पावत में अंगूर की खेती को बढ़ावा देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इससे जिले में कृषि आधारित आय वृद्धि के साथ-साथ महिलाओं और किसानों को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने का मार्ग प्रशस्त होगा।”

इस अवसर पर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) श्री मनीष नरियाल, सहकारिता विभाग से श्री प्रेम प्रकाश, बीएमएम श्री रमेश सिंह पाटनी, बिजनेस प्रमोटर सुश्री उर्वशी मेहता, स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रधान चौड़ामेहता, चौड़ापिता एवं कुल्यालगांव तथा बड़ी संख्या में समूह की महिलाएं और ग्रामीण उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief  ।

 

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