गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब में उमड़ने लगी आस्था की भीड़, तीन दिवसीय जोड़ मेले की तैयारियां पूरी।
गुरु नानक देव जी की तपोस्थली में दिखता है आध्यात्मिक चमत्कार, लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद।
लोहाघाट। चंपावत जिले के पश्चिमी छोर पर स्थित पवित्र गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और सेवा के रंग में रंगने लगा है। 29 से 31 मई तक आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध तीन दिवसीय जोड़ मेले के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। यह वही ऐतिहासिक स्थल है जहां चौथी उदासी के दौरान प्रथम सिख गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज ने अपने चरण रखे थे और आध्यात्मिक शक्ति से कड़वे रीठे को मीठा बनाकर मानवता को प्रेम और करुणा का संदेश दिया था।
मान्यता है कि गुरुद्वारा परिसर में आज भी वह रीठे का वृक्ष मौजूद है, जिसके फल मीठे निकलते हैं। यही नहीं, यहां बहने वाली रतिया नदी का प्रवाह भी गुरु नानक देव जी की दिव्य शक्ति का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने लधिया नदी के अहंकार को समाप्त कर उसका रुख मोड़ दिया था। यही कारण है कि श्री रीठा साहिब आज दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था और चमत्कार का केंद्र बना हुआ है।
दिल्ली बंगला साहिब गुरुद्वारे के प्रमुख बाबा सुरेंद्र सिंह और बाबा बच्चन सिंह यहां पहुंच चुके हैं, जबकि अमृतसर, पटना साहिब और दिल्ली से कई प्रमुख सिख धर्मगुरुओं के पहुंचने का क्रम जारी है। गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने बताया कि इस वर्ष मेले में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके लिए गुरुद्वारा प्रबंधन और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के कोऑर्डिनेटर सरदार अजीत पाल सिंह ने बताया कि मेले में अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, तख्त हरमंदिर साहिब पटना बिहार के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह सहित पंजाब और देश के विभिन्न हिस्सों से कई प्रसिद्ध ज्ञानी, रागी और संत भाग लेने पहुंच रहे हैं। 29 मई से दीवान हॉल में विशेष दीवान सजेंगे और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठों की लड़ी आरंभ हो चुकी है।
जोड़ मेले को लेकर टनकपुर से लेकर रीठा साहिब तक पूरा मार्ग सेवा, श्रद्धा और लंगरों की सुगंध से महक उठा है। सुखीढांग, नलिया चौकी, चौमला, पोखरी और अन्य स्थानों पर विभिन्न संगतों द्वारा विशाल लंगर, चाय, जलजीरा और मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। मैदानी क्षेत्रों से आए 500 से अधिक कर सेवक श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं। नलिया चौकी में जिला पंचायत की ओर से सुलभ शौचालयों की व्यवस्था की गई है, जबकि जल संस्थान ने पूरे मार्ग में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है। सहायक अभियंता परमानंद पुनेठा ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत मेहमानों की तरह किया जाए। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा श्री रीठा साहिब के कारण चंपावत जिले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देकर उन्हें जिले का “ब्रांड एंबेसडर” बनाया जा सकता है, ताकि भविष्य में यहां और अधिक तीर्थ यात्री पहुंचें। जिलाधिकारी के निर्देश पर विद्युत, चिकित्सा, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात सहित सभी विभागों के अधिकारी मौके पर तैनात कर दिए गए हैं।
Jaya punetha editor in chief ।




